नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) ने हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari Murder Case) की हत्या का खुलासा करने का दावा किया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ भी लिया गया है. तीनों से पूछताछ की जा रही है. तीनों गुजरात के रहने वाले हैं. इन्हें सूरत से पकड़ा गया है. तीनों कमलेश तिवारी की हत्या के साजिशकर्ता और हत्यारे बताए जा रहे हैं. इनके नाम मौलाना मोहसिन शेख, फैज़ान और खुर्शीद अहमद पठान हैं. एसटीएस गुजरात के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों ने हत्या किया जाना स्वीकार कर लिया है.

पुलिस का कहना है कि 2015 में इस्लाम के प्रवर्तक पैगम्बर मोहम्मद को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान के कारण ही कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) की जान ली गई. हत्या करने वाले मिठाई का डिब्बा, जिसमें हथियार लेकर गए थे, जो गुजरात के सूरत का था. ये मिठाई का डिब्बा अहम सुराग साबित हुआ. हत्या करने वाले भगवा रंग के कपड़े पहनकर आए थे. इससे पहले दो अन्य को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें छोड़ दिया गया. उन पर नजर रखी जा रही है. गौरतलब है कि कमलेश ने पूर्व में हजरत मोहम्मद साहब के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की थी. इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था.

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) ने घटना के संबंध में राजधानी लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर घटना की जानकारी दी है. जो तीन लोग हिरासत में लिए गए हैं, उन सभी की उम्र 21 से 24 साल के बीच है. इनमें से एक मौलाना है, दूसरा दर्जी है जबकि तीसरा भी कुछ इसी तरह का काम करता है. यूपी सरकार ने घटना के खुलासे के लिए एसआईटी गठित की है.

बता दें कि यूपी की राजधानी लखनऊ के घनी आबादी वाले नाका हिंडोला इलाके में शुक्रवार को हिन्दू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के नेता कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari Murder Case) की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था. वहीं, कमलेश तिवारी का शव सीतापुर के महमूदाबाद उनके आवास पर ले जाया गया है. कमलेश तिवारी की मां और परिजनों की मांग है कि जब सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) नहीं आ जाते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.

ये भी बताया जा रहा है कि हत्या से ठीक पहले जो तीन लोग कमलेश तिवारी से मिलने आए थे. ये भगवा रंग के कपड़े पहने हुए थे. सीसीटीवी में तीनों संदिग्धों के चेहरे भी कैद हुए थे. कमलेश तिवारी से दो लोग उनसे मिलने आए थे. इस दौरान कमलेश ने अपने एक साथी को उन दोनों के लिए पान लाने भेजा था, जब वह लौटकर आया तो उसने कमलेश को खून से लथपथ हालत में पाया. कमलेश पूर्व में हिंदू महासभा से भी जुड़े रह चुके थे. कमलेश को पिछले कई महीनों से सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही थी. घटना के समय एक सुरक्षाकर्मी कमलेश के घर के नीचे तैनात था जिसने हत्यारों को रोका और कमलेश से पूछ कर ही उन्हें घर के अंदर जाने दिया था.