लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस)ने गुजरात एटीएस के साथ मिलकर कानपुर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. इस व्यक्ति ने हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल कथित रूप से मुहैया कराई थी. उत्तर प्रदेश एटीएस ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि 18 अक्टूबर को तिवारी की दो लोगों ने हत्या कर दी थी. मामले के मुख्य आरोपी अशफ़ाक उर्फ मोइनुद्दीन और फरीद पठान जेल में हैं.

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एटीएस ने बताया कि तिवारी की हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल मुहैया कराने के संबंध में युसुफ खान को उत्तर प्रदेश एटीएस और गुजरात एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार को कानपुर से गिरफ्तार किया. एटीएस ने बताया कि आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.

हिन्दू संगठन के नेता कमलेश तिवारी के कथित दोनों हत्यारों ने उन पर सिर्फ गोली ही नहीं चलाई बल्कि उन पर लगातार बर्बरता से चाकू से वार भी किए थे. 45 वर्षीय तिवारी 18 अक्टूबर को नाका हिण्डोला थानाक्षेत्र के खुर्शेदबाग में अपने आवास पर बने कार्यालय में खून से लथपथ पाए गए थे.

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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि तिवारी के पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके शरीर में एक गोली लगी है और 15 वार चाकू के हैं. हत्यारों ने अत्यंत बर्बरता से तिवारी की हत्या की थी . कमलेश के चेहरे पर एक गोली मारी गई थी . गोली उनकी ठोढ़ी में फंसी पाई गई . कमलेश के चेहरे और गले पर चाकू के वार के कई निशान पाए गए.