नई दिल्ली: कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में गुजरात एटीएस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. गुजरात एटीएस ने मंगलवार को दोनों मुख्य आरोपी अशफाक शेख और मोइनुद्दीन पठान को गिरफ्तार कर लिया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुजरात एटीएस दोनों मुख्य आरोपियों को यूपी पुलिस को सौंपेगी. आधिकारी ने जानकारी दी कि दोनों आरोपियों को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास शामलाजी से पकड़ा.

गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने कहा, “दो भागे हुए आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन पठान को शामलाजी के पास गुजरात-राजस्थान सीमा से गिरफ्तार किया गया है. गुजरात एटीएस को जानकारी थी कि वे गुजरात में प्रवेश करने जा रहे हैं, उसी आधार पर हमने अपनी टीम को सीमा पर स्थानांतरित किया और उन्हें पकड़ लिया.”

पुलिस अधिकारी ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस के जरिए उनकी स्थिति का पता लगाया गया, जब दोनों ने फरार होने के बाद अपने परिवार और दोस्तों से बात की. दोनों को हिंदू समाज पार्टी के प्रमुख तिवारी की हत्या की जांच कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले किया जाएगा. हत्या मामले में सूरत के तीन लोगों और महाराष्ट्र के नागपुर से एक व्यक्ति के साथ कुल छह लोगों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है.

इससे पहले पुलिस ने खुलासा किया था कि कमलेश तिवारी हत्या मामले में मुख्य संदिग्ध सूरत निवासी अशफाक शेख ने मारे गये नेता की हिंदू समाज पार्टी (एचएसपी) में शामिल होने के लिए अपने एक सहयोगी के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल करके उसकी पहचान हासिल की थी. गौरतलब है कि एचएसपी के अध्यक्ष तिवारी (45) की गत 18 अक्टूबर को लखनऊ के नाका हिंडोला क्षेत्र में स्थित उनके घर पर हत्या कर दी गई थी. इससे पहले वह हिंदू महासभा के एक गुट से जुड़े हुए थे.