
JNUSU प्रेसीडेन्ट कन्हैया कुमार ने इस बात का स्वागत किया है कि स्मृति ईरानी को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से हटा दिया गया है लेकिन साथ ही उन्होने यह भी कहा कि यह दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में उनकी ‘भूमिका’ के चलते मिली ‘सजा’ नहीं है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कु्मार ने स्मृति ईरानी का कपड़ा मंत्रालय में स्थानांतरण किए जाने के बाद कहा कि वेमुला को न्याय नहीं मिला है। दलित छात्र ने हैदराबाद में आत्महत्या कर ली थी। यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मृति ईरानी से छीना एचआरडी मंत्रालय
कन्हैया ने कहा, “रोहित को अभी न्याय नहीं मिला है। मंत्रिमंडल में फेरबदल स्मृति ईरानी की सजा नहीं है। बाय बाय स्मृति ईरानी। उन्होंने यह भी कहा कि वेमुला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले नेता बंडारू दत्तात्रेय को जेल होनी चाहिए। गौरतलब है कि रोहित वेमुला हैदराबाद विश्वविद्यालय में पीएची का छात्र था, जिसने 17 जनवरी को आत्महत्या कर ली थी।
इस घटना के बाद पूरे देश में तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और दत्तात्रेय के खिलाफ जबर्दस्त विरोध-प्रदर्शन हुए। दोनों पर छात्र को खुदकुशी के लिए मजबूर करने का आरोप है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक नेता के साथ हुई झड़प के बाद सितंबर में वेमुला सहित पांच दलित विद्यार्थियों को हैदराबाद विवि से निलंबित कर दिया गया था।
News Source-IANS
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.