कटिहार (बिहार): देश भर में पिछले एक महीने से ज़्यादा से नागरिकता विधेयक, एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी है. राजधानी दिल्ली से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब देश के कई हिस्सों में पहुंच गया है. इस प्रदर्शन में छात्रों के साथ महिला और पेशेवर लोग भी शामिल हैं. जगह जगह पर हो रही रैलियों में इस बिल के खिलाफ नारे भी लगाए जा रहे हैं. Also Read - बंगाल चुनाव से पहले हेमा मालिनी का बड़ा बयान, कहा- भाजपा के सत्ता में आने पर ही लोगों का जीवन सुधरेगा

इसी सिलसिले में भाकपा नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को कहा कि राजद्रोह के आरोप ‘‘प्रसाद की तरह नि:शुल्क’’ बांटे जा रहे हैं, हालांकि आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार एक पुलिस अधिकारी पर अब तक देशद्रोह का आरोप नहीं लगाया गया है. Also Read - Bihar Election 2020: JDU MLA बोगो सिंह को आया इतना गुस्सा, कन्हैया को कह दिया बंदर

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता जम्मू कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह का जिक्र कर रहे थे. कन्हैया पर भी चार साल पहले पहले राजद्रोह का आरोप लगा था. उन्होंने सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ राज्यव्यापी ‘जन गण मन’ यात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘राजद्रोह के आरोप प्रसाद की तरह नि:शुल्क बांटे जा रहे हैं…कर्नाटक में महज एक नाटक के आधार पर स्कूली बच्चों को नामजद किया गया है. यह तब है जब एक पुलिस अधिकारी आतंकवादियों के साथ पकड़ा गया जिस पर अब तक यह आरोप नहीं लगाया गया है.’’ Also Read - सीएए-विरोधी आंदोलन में शामिल शरजील इमाम जेल में कोरोना वायरस से संक्रमित

 

इनपुट- भाषा