गोपालगंज/सीवान: देशभर में पिछले कई हफ़्तों से नागरिकता विद्येयक, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों, महिलाओं के साथ-साथ पेशेवर लोग भी शामिल हैं. इस प्रदर्शन को लेकर राजनीति भी बहुत तेज हो गई है. सत्ताधारी पक्ष इस विरोध का इल्ज़ाम लगातार विपक्ष पर डाल रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ विपक्षी पार्टियां इस विधयेक का लगातार विरोध कर रही है. इसी सिलसिले में आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे और  भाकपा नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया कि वह सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ देशभर में चल रहे प्रदर्शनों को अपना समर्थन दें और राज्य विधानमंडल में इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित कराएं.

JDU से निकाले जाने के बाद प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार से कहा- ‘थैंक यू, आपको कुर्सी के लिए दुआएं’

जेएनयू के पूर्व छात्र नेता ने गोपालगंज और सीवान की रैलियों में भी इस मांग को उठाया. वह अपनी ‘जन गण मन यात्रा’ के दूसरे दिन इन जिलों में गए थे. इस यात्रा के तहत वह ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ का संदेश दे रहे हैं. कन्हैया कुमार ने कहा, “ मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि इन रैलियों का उद्देश्य चुनावी लाभ नहीं है और न ही इनका आयोजन कोई राजनीतिक दल करा रहा है.”

नीतीश कुमार के खिलाफ भारी पड़े बगावती बोल, प्रशांत किशोर और पवन वर्मा जेडीयू से बाहर

उन्होंने कहा, “ मैं बिहार के मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वह हमारे मुद्दे का समर्थन करें और राज्य विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कराएं. कई अन्य राज्यों ने मिसाल पेश की है.” नीतीश कुमार नीत जदयू ने संसद में संशोधित नागरिकता कानून का समर्थन किया था. हालांकि जदयू प्रमुख असम के बाहर राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का विरोध कर चुके हैं और उन्होंने राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) के मौजूदा प्रारूप पर भी नाखुशी जताई है.

इनपुट-भाषा