लखनऊ /कानपुर: उत्‍तर प्रदेश कानपुर जिले के बर्रा थाना क्षेत्र से करीब महीने भर पहले फिरौती के लिए अपहृत लैब टेक्नीशियन की उसके अपहर्ताओं ने हत्या कर दी है. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है. इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में जांच में लापरवाही बरतने के लिए शुक्रवार को एक अपर पुलिस अधीक्षक सहित चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया. Also Read - यूपी: BJP विधायक ने खुद की पिटाई का पुलिस पर लगाया आरोप, थाने के सामने समर्थक जुटे

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘शासन द्वारा सम्यक विचार के बाद जनहित में, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) कानपुर नगर अपर्णा गुप्ता एवं तत्कालीन क्षेत्राधिकारी मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है.’ उन्होंने कहा, ‘ बर्रा के पूर्व प्रभारी निरीक्षक रणजीत राय और थाना प्रभारी राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है.’ Also Read - विकास दुबे के गांव में दबिश देने से पहले का पुलिस का ऑडियो अब हुआ वायरल, पूर्व SSP की बढ़ेगी मुसीबत

प्रवक्ता ने बताया कि अपहरण की घटना में फिरौती ली गई या नहीं इसकी जांच के लिए, अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ पुलिस मुख्यालय, वी पी जोगदंड को निर्देश दिए गए हैं. Also Read - यूपी में ऑनर किलिंग: लड़की ने प्रेमी को मिलने घर बुलाया था, परिवारवालों ने आग लगा दी, दोनों की मौत

महीने भर पहले फिरौती के लिए अपहृत लैब टेक्नीशियन की उसके अपहर्ताओं ने हत्या कर दी थी  
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि पुलिस जांच में साफ हो गया है कि महीने भर पहले कथित तौर पर फिरौती के लिए अपहृत लैब टेक्नीशियन की उसके अपहर्ताओं ने हत्या कर दी है. उन्होंने बताया कि अपहर्ताओं ने हत्या कर शव को पांडु नदी में फेंक दिया था. अभी तक शव बरामद नहीं हुआ है. एक महिला और टेक्नीशियन के दो मित्रों सहित अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने बताया कि शुरुआत में पांचों लोगों ने पुलिस को गुमराह करने की चेष्टा की लेकिन बाद में विस्तृत पूछताछ के दौरान उन्होंने अपराध कबूला .

गोविन्द नगर पुलिस क्षेत्राधिकारी विकास पांडेय ने बताया कि कुलदीप लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के साथ किसी अन्य पैथालाजी में काम करता था. कुलदीप ने यादव को रतनलाल नगर स्थित अपने किराये के मकान पर शराब पार्टी के लिए बुलाया. वहां यादव को नशीला इंजेक्शन दिया गया और पांच दिन तक बंधक रखा गया .

पाण्डेय ने बताया कि जब जब यादव को होश आता, अपहर्ता उसे नशीला इंजेक्शन लगा देते थे. उन्होंने बताया कि कुलदीप ने अन्य लोगों की मदद से 26 या 27 जून को यादव की हत्या कर दी और शव को एक कार से ले जाकर पांडु नदी में फेंक दिया. एसएसपी ने बताया कि अपराध शाखा और सर्विलांस सहित कई पुलिस टीमें शव को खोजने में लगाई गई हैं .

एसएसपी ने बताया कि टेक्नीशियन की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन का भी पता लगाने की कोशिश हो रही है जो उसके अपहरण के बाद से ही गायब हैं .

एसएसपी ने बताया कि 22 जून को बर्रा निवासी यादव का अपहरण किया गया था. उसके परिवार वालों ने 23 जून को बर्रा थाने में यादव के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी. तीन दिन बाद अपहरण की धाराएं जोडी गईं.

30 लाख रुपए से भरा बैग पुलिस की मौजूदगी में फ्लाईओवर से रेल पटरी पर फेंका था
मृतक के परिवार वालों का दावा है कि 29 जून को उन्हें अपहर्ताओं का फोन आया, और उन्होंने यादव की सुरक्षित रिहाई के लिए 30 लाख रुपए फिरौती मांगी. परिवार वाले मीडिया के सामने आये और बताया कि उन्होंने 30 लाख रुपए से भरा बैग पुलिस की मौजूदगी में एक फ्लाईओवर से रेल पटरी पर फेंका था. उन्होंने कहा कि उन्होंने वही किया जो अपहर्ताओं ने कहा था, लेकिन अपहर्ताओं ने यादव को नहीं छोडा.

30 लाख रुपए की फिरौती अपहर्ताओं को देने की मीडिया खबरें
लैब टेक्नीशियन के घर वालों द्वारा 30 लाख रुपए की फिरौती अपहर्ताओं को देने की मीडिया खबरें आने के बाद एसएसपी प्रभु ने कहा था कि वह मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान ले रहे हैं, जिनमें 30 लाख रुपए की फिरौती देने की बात सामने आई है. उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार से बात भी कर रहे हैं और कोई गलत पाया गया तो उसे दंडित किया जाएगा. उस समय एसएसपी ने पीडि़त परिवार को आश्वासन दिया कि यादव की सुरक्षित वापसी कराई जाएगी.

अब सरकार 50 लाख का मुआवज़ा दे: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 
इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कानपुर से अपहृत इकलौते बेटे की मौत की ख़बर दुखद है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘चेतावनी देने के बाद भी सरकार निष्क्रिय रही. अब सरकार 50 लाख का मुआवज़ा दे. सपा मृतक के परिवार को पांच लाख की मदद देगी .’ अखिलेश ने कटाक्ष किया, ‘अब कहां है दिव्य-शक्ति सम्पन्न लोगों का भयोत्पादक प्रभा-मंडल व उनकी ज्ञान-मंडली.’

मायावती ने ट्वीट किया, ‘यूपी में जारी जंगलराज के दौरान एक और घटना
बसपा सुप्रीमो मायावती ने संजीत यादव की हत्या को निन्दनीय करार देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को अपराध नियंत्रण के मामले में तुरंत हरकत में आना चाहिए. मायावती ने ट्वीट किया, ‘यूपी में जारी जंगलराज के दौरान एक और घटना में कानपुर में अपहरणकर्ताओं ने संजीत यादव की हत्या करके शव को नदी में फेंक दिया जो अति-दुखद और निन्दनीय है.’