नई दिल्ली: बिहार चुनावों में महागठबंधन को मिली हार के बाद कांग्रेस में बगावत के सुर दिखाई पड़ने लगे हैं. ऐसे में पार्टी के अंदर कई आवाजें और कई सवाल भी उठने लगे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भी पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाया ऐसे में पार्टी की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई. सिब्बल के बयान देने के बाद कांग्रेस के अन्य नेता अब एक एक कर सिब्बल पर पलटवार कर रहे हैं. ऐसे में इंडिया टुडे को दिए अपने बयान में कपिल सिब्बल ने कहा कि दिक्कत ये है कि वह डेढ़ साल पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं बनेंगे. Also Read - 'महाराष्ट्र में अगले 2-3 माह में सरकार बना लेगी बीजेपी, तैयारी हो गई है'

सिब्बल ने यहां तक कहा कि वे नहीं चाहते थे कि पार्टी के शीर्ष पर गांधी परिवार का कोई व्यक्ति बैठे. उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मैं यह पूछता हूं कि आखिर कोई राष्ट्रीय पार्टी बिना अध्यक्ष के कैसे इतने लंबे समय से काम कर सकती है. मैंने अवाज उठाई, चिट्ठी लिखी, लेकिन हमसे किसी ने भी बात नहीं की. हमारे पास डेढ़ साल बाद अपना अध्यक्ष नहीं है. हम अपनी समस्याएं लेकर आखिर किसके पास जाएं. Also Read - कलह और अपने नेताओं को कांग्रेस की सलाह- सार्वजनिक रूप से बयान न दें क्योंकि...

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक अपने बातचीत में सिब्बल ने कहा कि यह राष्ट्रीय पार्टी के लिए एक कठिन स्थिति हैं वो भी उस पार्टी के लिए जो सबसे पुरानी पार्टी है. सिब्बल ने कहा कि मैं किसी की क्षमताओं पर सवाल नहीं उठा रहा बल्कि मैं ये कह रहा हूं की चुनाव होना चाहिए. अपने संगठनों में हम खुद चुनाव नहीं करवाएंगे तो हमें जो परिणाम चाहिए वो कैसे मिलेगा. Also Read - भारत के लिए कौन सी कोरोना वैक्सीन चुनेगी सरकार? राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे ये चार सवाल