नई दिल्ली| 26 जुलाई को कारगिल युद्ध में भारत की विजय के 18 साल पूरे हो गए हैं. 1998 की सर्दियों में ही कारगिल की ऊंची पहाडि़यों पर पाकिस्‍तानी घुसपैठियों ने कब्‍जा जमा लिया था. 1999 की गर्मियों की शुरुआत में जब सेना को पता चला तो सेना ने उनके खिलाफ ऑपरेशन विजय चलाया. करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई इस जंग में 527 भारतीय जवान शहीद हुए थे. 26 जुलाई 1999 को ही भारतीय सेना ने कारगिल में तिरंगा फहराया था तब से हर साल इस दिन को कारगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है. कारगिल विजय दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को सलाम किया. पीएम ने ट्वीट कर लिखा कि हमारे देश की रक्षा और गर्व के लिए जवानों ने लड़ाई लड़ी, हमें जवानों पर गर्व है. Also Read - राहुल गांधी ने PM Modi को लिखा लेटर, कहा-देश में वैक्सीन की भारी कमी लेकिन विदेशों को टीका बांट रही सरकार

वहीं इस मौके पर दिल्ली में इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में सेना के तीनों अंगो के प्रमुख करगिल जंग में शहीद हुए बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई.

कारगिल के द्रास में सेना के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू के साथ शहीद हुए जवानों के परिवार वालों करगिल के रण बांकुरों को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किए.


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल राम नायक ने भी इस मौके पर शहीद स्मृति वाटिका में कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

कारगिल सैन्‍य ऑपरेशन आठ मई को शुरू हुआ और 26 जुलाई को खत्म हुआ. इस सैन्‍य कार्रवाई में सेना के 527 जवान शहीद हुए तो करीब 1363 घायल हुए. वैसे इस लड़ाई में पाकिस्तान मानता है कि उसके करीब 357 सैनिक मारे गए थे लेकिन असल में इस युद्ध में पाकिस्तान के करीब तीन हजार जवान मारे गए थे.