बेंगलुरु: कर्नाटक के चामराजनगर जिले के सुलिवादी गांव में शुक्रवार को एक मंदिर में प्रसाद खाने से दो बच्चों समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई. घटना में करीब 80 लोग बीमार हो गए. राज्य सरकार के मृतकों के आश्रित को 5 लाख रुपए की सहायता राशि और बीमारों के इलाज की मुफ्त व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं.

पुलिस ने कहा कि 12 अन्य लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें इलाज के लिये मैसूरु भेजा गया है. मृतकों की पहचान गोपीयम्मा (55), पप्पन्ना (50), शांता (20), अनीता (14) और अनिल (12) के रूप में हुई है.

जिला स्वास्थ्य अधिकारी प्रसाद ने कहा कि इस बात का संदेह है कि प्रसाद के साथ जहर मिल गया हो, जिसकी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ. उन्होंने पत्रकारों को बताया, “हमने प्रसाद के नमूने इकट्ठे कर जांच के लिये प्रयोगशाला भेज दिए हैं.’’

पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह मरम्मा मंदिर की आधारशिला रखे जाने के मौके पर प्रसाद बांटा गया था. पुलिस ने कहा कि प्रसाद खाने के बाद लोगों को उल्टी होने के साथ पेट में दर्द होने लगा. घटना के बाद आनन-फानन में लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया. इसके बाद पुलिस और जिला के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. इलाज के दौरान पांच लोगों ने दम तोड़ दिया.

हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने अधिकारियों को पीड़ितों के इलाज के लिये सभी इंतजाम करने को कहा है. कुछ पीड़ितों का कहना है कि प्रसाद में मिट्टी के तेल की गंध आ रही थी जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया.