बेंगलुरू: कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस-जनता दल (सेकुलर) गठबंधन सरकार को एक बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस के पांच और जद (एस) के तीन विधायकों ने शनिवार को अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार चूंकि कार्यालय में मौजूद नहीं थे, लिहाजा आठ विधायकों ने अपने इस्तीफे उनके निजी सहायक को सौंप दिए.

 

इस्तीफा देने वाले पांच कांग्रेस विधायकों में मस्की विधानसभा सीट से विधायक प्रतापगौड़ा पाटील, बी.सी. पाटील (हिरेकेरुर), रमेश जरकीहोली (गोकक), शिवराम हेब्बर (येल्लापुर) और महेश कुमताहल्ली (अथानी) शामिल हैं. जद (एस) के तीन विधायकों में ए.एच. विश्वनाथ हुनसुर, एन. नारायणा गौड़ा के.आर. पेटे और गोपालैया (बेंगलुरू उत्तरपश्चिम में महालक्ष्मीम) शामिल हैं. यद्यपि जरकीहोली ने पहली जुलाई को ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था, क्योंकि यह उनके कार्यालय को फैक्स के जरिए भेजा गया था, जो प्रक्रिया के खिलाफ है.

कांग्रेस विधायक आनंद सिंह ने भी पहली जुलाई को इस्तीफा दे दिया था. चूंकि उन्होंने अपना इस्तीफा खुद जाकर विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा था, लिहाजा इसे उन्होंने स्वीकार किया था. चूंकि विधायकों की मुलाकात विधानसभा अध्यक्ष से उनके कार्यालय में नहीं हो पाई, इसलिए वे अपने इस्तीफे के निर्णय से राज्यपाल वजुभाई वाला को अवगत कराने के लिए राजभवन गए. इससे जुड़े एक घटनाक्रम में कांग्रेस विधायक राममालिंगा रेड्डी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने भी पार्टी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है.

बेंगलुरू दक्षिण में बीटीएम लायौट विधासभा सीट से सात बार के विधायक रेड्डी पूर्व की कांग्रेस सरकार में मंत्री थे. रेड्डी ने शहर स्थित विधाना सौधा के बाहर संवाददाताओं से कहा कि मैंने कांग्रेस से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है, जिसके साथ मैं पिछले चार दशक से जुड़ा हुआ था, क्योंकि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं का न कोई महत्व है और न सम्मान. कांग्रेस के चार और विधायक कथित तौर पर इस्तीफे पर विचार कर रहे हैं. इनमें रेड्डी की बेटी बेंगलुरू दक्षिण में जयनगर सीट से विधायक सौम्या, सोमशेकरा (बेंगलुरू उत्तर की यशवंतनगर सीट), बयारती बासवराज (बेंगलुरू पूर्व की के.आर. पुरम सीट), और मुनिरत्ना (बेंगलुरू पश्चिम की आर.आर. नगर सीट) शामिल हैं.

कर्नाटक की 225 सदस्यीय विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष सहित कांग्रेस के 79 विधायक हैं. इसके अलावा जद (एस) के 37 और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 105 विधायक हैं. सत्ताधारी गठबंधन को तीन अन्य विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है. इसमें एक बहुजन समाज पार्टी (बसपा), एक कर्नाटक प्रग्न्यवंथा जनता पार्टी (केपीजेपी) और एक निर्दलीय विधायक है. इस तरह गठबंधन को कुल 118 विधायकों का समर्थन रहा है, जो सामान्य बहुमत के लिए जरूरी 113 की संख्या से पांच अधिक है.