कर्नाटक में बुधवार को बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस नेतृत्व और बागी नेताओं के बीच लुका-छिपी का खेल खुलकर सामने आ गया. बुधवार को सदन की बैठक में कांग्रेस के बागी 4 विधायक उपस्थित नहीं हुए. माना जा रहा है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की सरकार द्वार पेश किए जाने वाले दूसरे बजट के दिन इन बागी विधायकों के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई हो सकती है.

कांग्रेस नेताओं की चिंता केवल बागी नहीं है. बुधवार को तीन अन्य विधायकों पूर्व मंत्री रामालिंग रेड्डी, उनकी बेटी सौम्या रेड्डी और बीसी पाटिल भी सदन में नहीं दिखे. इसके अलावे एक अन्य विधायक जेएन गणेश भी सदन नहीं आए. गणेश पर 21 जनवरी को पार्टी के नेता आनंद सिंह ने रिसॉर्ट में हमला किया था.

विधानसौध में कांग्रेस के चीफ व्हीप गणेश गुक्केरी ने कहा कि बुधवार को आठ विधायक सदन नहीं आए. उन्होंने कहा कि चार बागियों को छोड़कर अन्य सभी ने पार्टी नेतृत्व को सदन नहीं आने के कारणों के बारे बता दिया था. कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को एक ताजा व्हीप जारी कर बागी विधायकों से शुक्रवार को विधायकों की बैठक में शामिल होने को कहा है.

वैसे केवल कांग्रेस के ही कुछ विधायक सदन नहीं पहुंचे, ऐसा नहीं है. विपक्षी भाजपा के भी कुछ विधायक सदन की बैठक के पहले दिन नहीं दिखे. इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम सिद्दारमैया ने कांग्रेस से दो विधायकों के बगावत करने की बात स्वीकार की है. उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से चलाए गए ऑपरेशन लोटस में पार्टी के दो विधायक फंसे हुए हैं. अगर वे 8 फरवरी को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो उनको अयोग्य ठहराए जाने की कार्रवाई की जाएगी.