बेंगलुरू। चुनावी राज्य कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने आज कहा कि वह मैसूरू की चामुंडेश्वरी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, मैं चामुंडेश्वरी से चुनाव लडूंगा, मैं चामुंडेश्वरी की जनता के आशीर्वाद से जीतूंगा. सिद्धरमैया ने कहा कि ये मेरा आखिरी चुनाव है और मैं चामुंडेश्वरी से ही लड़ूंगा क्योंकि यही से मेरा राजनीतिक पुनर्जन्म हुआ है. Also Read - कांग्रेस ने नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू, जल्द होगी AICC की बैठक

सिद्धरमैया जनता दल सेकुलर के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के चामुंडेश्वरी से चुनाव लड़ने पर संदेह व्यक्त किया था. मुख्यमंत्री ने कुमारस्वामी पर बरसते हुए कहा, क्या कुमारस्वामी यह जानते कि मैंने कितनी बार चामुंडेश्वरी सीट से चुनाव लड़ा है. सात बार, मैं पांच बार जीता हूं. क्या वह यह सब जानते हैं? मुझे अपने मतदाताओं पर पूरा भरोसा है. वे कुमारस्वामी या किसी और की बात नहीं सुनेंगे.

दरअसल, कुमारस्वामी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा था कि अगर सिद्धरमैया चामुंडेश्वरी से चुनाव लड़ेंगे तो हार जाएंगे. कर्नाटक में इन दिनों चुनावी घमासान मचा हुआ है. मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. दोनों पार्टियों में वोटरों को लुभाने का दौर शुरू हो चुका है. कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी ने तो बीजेपी की तरफ से अमित शाह ने कमान संभाली हुई है. इस बीच सीएम सिद्धरमैया ने लिंगायत दांव चलकर चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है.

अमित शाह ने संभाली कमान
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह कर्नाटक के दौरे पर हैं और न सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, बल्कि राज्य में विभिन्न सेक्टर में काम करने वाले समूहों से भी बात कर रहे हैं. इसके अलावा वे पार्टी की अंदरूनी कमियों को भी ठीक करने का काम में लगे हैं. सीएम सिद्धारमैया ने लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने का दांव खेलकर बीजेपी को मुश्किल में डाल दिया है. अब बीजेपी इस दांव की काट में लगी हुई है. शाह ने इसके जवाब में कहा है कि कांग्रेस लिंगायत समुदाय के येदियुरप्पा को सीएम बनता नहीं देखना चाहती इसलिए इस तरह का फैसला लिया है. हालांकि सिद्धरमैया के इस फैसले को लिंगायत मठों का समर्थन मिल रहा है जिसने बीजेपी को चिंता में डाल दिया है.

2013 की तस्वीर 
चुनाव आयोग ने मंगलवार को घोषणा की थी कि इस दक्षिणी राज्य में विधानसभा चुनाव एक चरण में 12 मई को होगा जबकि मतगणना 15 मई को होगी. 2013 के विधानसभा चुनाव में राज्य की कुल 224 सीटों में से कांग्रेस ने 122 सीटें जीती थीं. जबकि बीजेपी 40 और जेडीएस ने 40 सीटों पर कब्जा किया था. बीजेपी से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले बीएस येदियुरप्पा की केजेपी महज 6 सीटें जीत सकी थी. इसके अलावा अन्य को 16 सीटें मिली थीं. हालांकि बाद में येदियुरप्पा दोबारा से बीजेपी के साथ आ गए.