नई दिल्ली: कर्नाटक में 222 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को आएंगे. इस चुनाव में 72.13 वोटिंग हुई. मतदान का प्रतिशत 1952 के राज्य विधानसभा चुनाव के बाद से सबसे अधिक है. 2013 के विधानसभा चुनाव में 71.45 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. चुनाव के तुरंत बाद आए एग्जिट पोल हंग असेंबली की ओर इशारा कर रहे हैं. सात एग्जिट पोल में से पांच में किसी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. अधिकतर एग्जिट पोल जेडीएस को किंगमेकर की भूमिका में बता रहे हैं.  ऐसे में जेडीएस को अपने पाले में करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों की पार्टियां रणनीति बना रही हैं.

जेडीएस के साथ सरकार बना चुकी हैं दोनों पार्टियां
बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां जेडीएस के साथ 2004 और 2008 में सरकार बना चुकी हैं. हंग अबेंसली की स्थिति में जेडीएस को अपने पाले में करने के लिए कांग्रेस मुख्यमंत्री पद को लेकर 2.5 साल का फॉर्मुला अपना सकती है. हालांकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ कभी भी जेडीएस के कुमारस्वामी साथ नहीं आएंगे, ऐसे में कांग्रेस गृह मंत्री आर रामलिंगा को मुख्यमंत्री बना सकती है. वहीं हंग असेंबली की स्थिति में बीजेपी जेडीएस को अपने पाले में करने के लिए कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री का पद ऑफर कर सकती है.

जेडीएस का दावा
किंग मेकर मानी जा रही जेडीएस का कहना है कि बी एस येदियुरप्पा और सिद्धारमैया दोनों में से कोई भी मुख्यमंत्री नहीं बनेगा. जेडीएस के नेशनल जनरल सेक्रेटरी दानिश अली का कहना है कि भले की बी एस येदियुरप्पा और सिद्धारमैया सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं लेकिन 15 मई को आने वाले नतीजे उन्हें गलत साबित कर देंगे. उन्होंने कहा कि बी एस येदियुरप्पा और सिद्धारमैया दोनों ही नेताओं को 15 मई को दोपहर बाद अपने शब्द वापस लेने पड़ेंगे. कर्नाटक के लोग एच डी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं. जेडीएस की तरह से कुमारस्वामी ही मुख्यमंत्री का चेहरा हैं.

‘गठबंधन का सवाल ही नहीं’
हालांकि कांग्रेस का कहना है कि चुनाव बाद जेडीएस से गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं उठता. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने रविवार को दिल्ली में कहा कि कांग्रेस एग्जिट पोल में यकीन नहीं करती. जहां तक जेडीएस से गठबंधन की बात है तो ऐसा नहीं होने जा रहा. एग्जिट पोल भले ही हमारे फेवर में आए या अगेंस्ट, कांग्रेस उस पर यकीन नहीं करती.