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सियासी समीकरण से चमकी कुमारस्वामी की किस्मत, किंगमेकर से बन गए किंग!
कर्नाटक चुनाव नतीजों ने एक तरह से जेडीएस और कुमारस्वामी की किस्मत ही चमका दी.
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी ने चुनाव के दौरान कहा था, मैं किंगमेकर नहीं किंग बनना चाहता हूं. आज ये बात सही भी साबित होती दिख रही है. तमाम चुनावी पंडित कह रहे थे कि चुनाव नतीजे के बाद कुमारस्वामी किंगमेकर की भूमिका अदा करेंगे और उनके समर्थन से ही कांग्रेस या बीजेपी को सत्ता नसीब होगी. तमाम एक्जिट पोल में भी यही कहा गया था कि जेडीएस किंगमेकर साबित होगी. लेकिन चुनाव पंडितों के अनुमान को धता बताते हुए सियासी समीकरणों की बदौलत कुमारस्वामी के दरवाजे पर सीएम पद की पेशकश ने दरवाजा खटखटा दिया.
पढ़ें- किंगमेकर नहीं, किंग बनूंगा मैं: कुमारस्वामी
सियासी समीकरणों से चमकी किस्मत
कर्नाटक चुनाव नतीजों ने एक तरह से जेडीएस और कुमारस्वामी की किस्मत ही चमका दी. कहां तो कयास लगाए जा रहे थे कि कुमारस्वामी चुनाव में किसी पार्टी के साथ सहयोग कर नंबर टू की हैसियत से सरकार में रहेंगे. लेकिन नए समीकरणों ने कुमारस्वामी को किंग ही बना दिया. हार तय देख कांग्रेस ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए कुमारस्वामी को सीएम पद की पेशकश कर दी.
JD(S)’s HD Kumaraswamy seeks appointment from the Governor of #Karnataka this evening, writes we have accepted Congress’s support to form the Government. #KarnatakaElections2018 pic.twitter.com/epuCqf4m17
— ANI (@ANI) May 15, 2018
राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा
कई घंटों के चिंतन मनन के बाद आखिर पार्टी अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने कांग्रेस का प्रस्ताव मान लिया. इसी के साथ कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन की चिट्ठी भी सौंप दी. चिट्ठी लेकर कुमारस्वामी राज्यपाल वजूभाई वाला से मुलाकात का समय मांगा है. अगर राज्यपाल कुमारस्वामी को सरकार बनाने का न्योता देते हैं तो बीजेपी के लिए सरकार बनाने की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी. हालांकि इसकी उम्मीद कम ही नजर आती है क्योंकि परंपरा रही है कि राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का मौका देते हैं.
कभी बीजेपी की मदद से CM बने थे कुमारस्वामी, अब कांग्रेस का थामेंगे हाथ
कभी बीजेपी की मदद से सीएम बने थे कुमारस्वामी
बता दें कि जनता दल के कद्दावर नेता रहे और पूर्व प्रधानमंत्री रहे एचडी देवगौड़ा ने साल 1999 में जनता दल से अलग होकर जनता दल (सेक्यूलर) की नींव रखी थी. साल 1996 में कांग्रेस के समर्थन से ही देवगौड़ा 10 महीने के लिए देश के प्रधानमंत्री बने थे. एक दिलचस्प तथ्य ये है कि देवगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी बीजेपी के करीबी रहे हैं. साल 2004 में कांग्रेस के साथ सरकार बना चुकी जेडीएस ने साल 2006 में कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी से हाथ मिला लिया. इसके पीछे वजह कुमारस्वामी के मन में सीएम पद की लालसा थी. समझौते के तहत जेडीएस और बीजेपी के बीच तय हुआ कि दोनों पार्टियां के पास 20-20 महीने के लिए सीएम पद रहेगा. इस तरह कुमारस्वामी जनवरी 2006 में कर्नाटक के सीएम की कुर्सी पर पहुंच गए.
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