नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे कुछ देन में आने शुरू हो जाएंगे. दोपहर तक साफ हो जाएगा कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी. इस चुनाव परिणाम पर देश भर की निगाहें टिकी हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक के नतीजों को सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है. ये चुनाव नतीजे कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी का भविष्य तय करेंगे. अगर कांग्रेस जीतती है तो उसे 2019 के चुनाव से पहले संजीवनी मिलेगी. लेकिन अगर कांग्रेस हार जाती है तो पूरे देश में यह संदेश जाएगा कि मोदी की लहर बरकरार है और उनसे मुकाबला करने वाला कोई नहीं है. Also Read - मैं पार्टी में जाति, धर्म आधारित प्रकोष्ठ के पक्ष में नहीं हूं: नितिन गडकरी

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अगर कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला

ऐसी स्थिति में सिद्धारमैया ही मुख्यमंत्री बनेंगे. लेकिन अगर वह बादामी और चामुंडेश्वरी दोनों सीटों से हार जाते हैं तो मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे. हालांकि ऐसा हो कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बने लेकिन पूर्ण बहुमत न मिल पाए और 4-5 सीटें कम रह जाएं, ऐसी स्थिति में पार्टी निर्दलीय विधायकों के दम पर सरकार बना सकती है. लेकिन सिद्धारमैया की जगह कांग्रेस को दलित मुख्यमंत्री बनाना होगा. 2019 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस लिंगायत समुदाय के किसी नेता को डिप्टी सीएम का पद ऑफर कर सकती है.

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अगर बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला

ऐसी स्थिति में बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बनेंगे, जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दलितों और आदिवासियों में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए बीजेपी बी श्रीरामुलु को डिप्टी सीएम बना सकती है. मान लीजिए की सरकार बनाने के लिए अगर 4-5 सीटें कम पड़ती हैं ऐसे में पार्टी निर्दलीय के साथ सरकार बना सकती है.

अगर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी तो

ऐसी स्थिति में कांग्रेस जेडीएस और निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी. हालांकि दोनों पार्टियों के बीच डील इस बात पर निर्भर करेगा कि जेडीएस को कितनी सीटें मिलती हैं. ऐसी स्थिति में सिद्धारमैया कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री के दावेदार नहीं होंगे. जेडीएस को अपने पाले में करने के लिए कांग्रेस मुख्यमंत्री का पद कुमारस्वामी को ऑफर कर सकती है.

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अगर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी

ऐसे में बीजेपी जेडीएस के साथ डील करेगी. दोनों पार्टियां 30-30 महीने के लिए मुख्यमंत्री पद के मामले में समझौता कर सकती हैं. हो सकता है कि बीजेपी पहले कुमारस्वामी को सीएम पद ऑफर कर दे.

जेडीएस बाहर से समर्थन दे सकती है

एच डी कुमारस्वामी बीजेपी या कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बन सकते हैं. लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए और कांग्रेस मुक्त भारत की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ने के लिए बीजेपी जेडीएस को बाहर से समर्थन दे सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह कांग्रेस को पूरी तरह तोड़ने वाला होगा. वहीं कांग्रेस भी बीजेपी को कर्नाटक की सत्ता से दूर रखने के लिए जेडीएस को समर्थन दे सकती है और 2019 सत्ता हासिल करने के लिए पूरे देश में महागठबंधन की ओर बढ़ सकती है.