नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष रमेश कुमार ने मंगलवार को अपनी तुलना ऐसी रेप पीड़िता से की जिससे बार-बार सवाल जवाब किए जाते हैं. उनका इशारा विवादित ऑडियो टेप में उनको लेकर बार-बार लगाये जा रहे आरोपों की तरफ था. इस ऑडियो टेप विवाद की सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की घोषणा की है. अध्यक्ष ने यह टिप्पणी ऑडियो क्लिप की एसआईटी जांच को लेकर विधानसभा में हो रही चर्चा के दौरान की. इस ऑडियो क्लिप में भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा को कांग्रेस-जद (एस) सरकार गिराने के कथित प्रयास में जद (एस) के एक विधायक को लुभाते हुए दिखाया गया है. स्पीकर ने उनके खिलाफ लगे आरोपों का बार-बार जिक्र किए जाने का संदर्भ देते हुए कहा कि उनकी “स्थिति एक बलात्कार पीड़िता जैसी हो गई है क्योंकि उनसे भी घटना के बारे में बार-बार सवाल किए जाते हैं.

भारतीय जनता पार्टी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने विधायक को लुभाने की उनकी कथित बातचीत वाले ऑडियो क्लिप मामले की एसआईटी जांच का सोमवार को विरोध किया था. येदियुरप्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री के तहत काम करने वाली एजेंसी का इसकी जांच करना उचित नहीं होगा क्योंकि कुमारस्वामी स्वयं इसमें पहले आरोपी हैं.

कुमारस्वामी ने सोमवार को घोषणा की कि उनके द्वारा जारी ऑडियो क्लिप की वह एसआईटी जांच कराएंगे. इस ऑडियो क्लिप में येदियुरप्पा को कांग्रेस-जद (एस) सरकार गिराने के कथित प्रयास में जद (एस) के एक विधायक को लुभाते हुए दिखाया गया है. विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने भावुक होते हुए इस घटनाक्रम की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किये जाने की ‘‘सलाह’’ दी थी क्योंकि इस मामले में उनका नाम भी घसीटा गया. इस सलाह को कुमारस्वामी ने स्वीकार कर लिया.

50 करोड़ भुगतान का दावा
कुमारस्वामी ने कहा था कि कथित बातचीत के दौरान येदियुरप्पा ने भाजपा की मदद के वास्ते इस्तीफा देने वाले विधायकों के पक्ष में फैसला देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को ‘50 करोड़ रुपये की पेशकश’ के बारे में भी बात की थी. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को मुख्यमंत्री से ऑडियो क्लिप और एक पत्र मिला था और वह आश्वस्त नहीं थे कि यह आवाज किसकी है. उन्होंने कहा कि कथित बातचीत के दौरान इसमें कहा गया है कि सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने के लिए अनुकूल निर्णय लेने के लिए अध्यक्ष को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था.