कर्नाटक BJP में बगावत, ईश्वरप्पा का निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान, बोम्मई बोले- 'नहीं दिया धोखा'

Lok Sabha Election 2024: केएस ईश्वरप्पा हावेरी सीट से अपने बेटे केई कांतेश को टिकट दिलवाना चाहते थे. बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को उम्मीदवार बनाया. जिससे ईश्वरप्पा नाराज हो गए.

Published date india.com Published: March 15, 2024 11:19 PM IST
कर्नाटक BJP में बगावत, ईश्वरप्पा का निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान, बोम्मई बोले- 'नहीं दिया धोखा'

Karnataka BJP: लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक में बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा (KS Eshwarappa) ने पार्टी से बगावत करते हुए शुक्रवार को घोषणा की कि वह आगामी लोकसभा चुनाव में शिमोगा से बतौर निर्दलीय मैदान में उतरेंगे.

उन्होंने बेटे के.ई. कांतेश को हावेरी सीट से टिकट नहीं दिए जाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा को दोषी ठहराया. येदियुरप्पा के बेटे और मौजूदा सांसद बी वाई राघवेंद्र को भाजपा ने शिमोगा से पार्टी प्रत्याशी बनाया है. कांग्रेस ने इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा की बेटी, कन्नड़ फिल्म स्टार शिवराजकुमार की पत्नी और दिवंगत अभिनेता डॉ. राजकुमार की पुत्रवधू गीता शिवराजकुमार को मैदान में उतारा है.

केएस ईश्वरप्पा निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव

ईश्वरप्पा ने अपने समर्थकों द्वारा बुलाई गई एक बैठक में भाजपा के खिलाफ बगावत की घोषणा करते हुए कहा, ‘मैं शिमोगा लोकसभा क्षेत्र से आपके निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा.’ भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को हावेरी सीट से मैदान में उतारा है. कर्नाटक में भाजपा को खड़ा करने का श्रेय ईश्वरप्पा, येदियुरप्पा और दिवंगत एच एन अनंत कुमार को दिया जाता है.

पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने किया साफ

ईश्वरप्पा की बगावत पर पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा को कभी धोखा नहीं दिया और सामाजिक न्याय के आधार पर केई कांतेश को टिकट देने के लिए आलाकमान से कहा था. हाईकमान ने उन्हें जरूरत के हिसाब से चुनाव लड़ने के लिए कहा था, जिसके चलते वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं.

‘मुझसे चुनाव लड़ने के लिए कहा गया’

बोम्मई ने कहा कि उन्हें ईश्वरप्पा द्वारा बुलाई गई बैठक की जानकारी नहीं थी. मेरा नाम तय नहीं हुआ था और मैंने हावेरी के लिए कांतेश पर विचार करने का अनुरोध किया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुझसे चुनाव लड़ने के लिए कहा था.

वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री ईश्वरप्पा (75)ने अपने आरोप को दोहराया कि बीजेपी संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य येदियुरप्पा ने उनके बेटे को टिकट दिलाने का आश्वासन दिया था और उनकी जीत के लिए प्रचार करने का वादा किया था, लेकिन अब उन्होंने उन्हें धोखा दिया है.

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येदियुरप्पा पर लगाए ये आरोप

ईश्वरप्पा ने कहा कि येदियुरप्पा ने बोम्मई और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के लिए टिकट सुनिश्चित किया, लेकिन उनके बेटे के लिए नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राज्य इकाई येदियुरप्पा परिवार की गिरफ्त में है, जिसमें उनका एक बेटा सांसद है और दूसरा बेटा बी वाई विजयेंद्र विधायक और प्रदेश अध्यक्ष है.

भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष ईश्वरप्पा ने येदियुरप्पा पर नलिन कुमार कटील, प्रताप सिम्हा, सी टी रवि और डी वी सदानंद गौड़ा जैसे हिंदुत्व के मुद्दे का समर्थन करने वाले नेताओं को दरकिनार करने का भी आरोप लगाया. बता दें कि, पार्टी ने तीनों मौजूदा सांसदों कटील, सिम्हा और सदानंद गौड़ा को 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए टिकट देने से इनकार कर दिया है.

‘पीएम मोदी का विरोधी नहीं’

हालांकि, ईश्वरप्पा ने बार-बार कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोधी नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘भले ही मेरी जान चली जाए, लेकिन मैं नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नहीं जाऊंगा. अगर मेरा हृदय खुलेगा तो एक तरफ भगवान राम होंगे और दूसरी तरफ मोदी होंगे.’

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