बेंगलुरूः कर्नाटक भाजपा के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे बासानागौड़ा पाटिल यातनाल ने बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर वह गृह मंत्री बने होते तो पुलिस को सभी बुद्धिजीवियों को लोगी मारने का आदेश दे देते. विजयपुरम से विधायक यातनाल ने उदारवादी और बौद्धिक लोगों को राष्ट्र विरोधी भी करार दिया. गुरुवार को कारगिल विजय दिवस समारोह में यातनाल ने कहा कि ये बौद्धिक लोग देश में रहते हैं और हमारे टैक्स के पैसे से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ लेते हैं. उसके बाद ये भारतीय सेना के खिलाफ नारेबाजी करते हैं. हमारे देश को इन बौद्धिक और धर्मनिरपेक्ष लोगों से भारी खतरा है. यदि वह गृह मंत्री होते तो वह इन लोगों को गोली मारने का आदेश जारी कर देते.

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मुस्लिमों की सहायता करने से रोका था
इससे पहले इस भाजपा विधायक को लेकर उस समय विवाद पैदा हो गया था जब उन्होंने पार्टी के एक स्थानीय पार्षद को मुस्लिम समुदाय के लोगों की सहायता करने से रोक दिया था. इससे पहले यातनाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया था कि वे केवल हिन्दुओं के लिए काम करें न कि मुस्लिमों के लिए. वीडियो में वह कह रहे हैं, ”मैंने सभी पार्षदों को बुलाया था और उनसे कहा था कि उन्हें हिन्दुओं के लिए काम करना चाहिए, जिन्होंने हमें वोट दिया है… न कि मुस्लिमों के लिए.” उन्होंने अपने लोगों को निर्देश दिया है कि उनके ऑफिस में टोपी और बुर्का पहने लोग नहीं दिखने चाहिए.

यातनाल 1994 से 1999 के बीच विधायक थे. उसके बाद 1999 से 2009 तक वह बीजापुर से भाजपा के सांसद रहे. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में यातनाल 2002 से 2004 तक टेक्सटाइल और रेलवे मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे. 2010 में यातनाल ने भाजपा छोड़कर जनता दल सेक्युलर ज्वाइन कर लिया था. एक साल बाद जेडीएस छोड़ने के बाद के बाद वह निर्दलीय एमएलसी बने. इसके बाद 2013 में यातनाल फिर से भाजपा में लौट आए.

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गौरतलब है कि पिछले साल पांच सितंबर को चर्चित एक्टिविस्ट गौरी लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनकी हत्या को लेकर तरह-तरह के बयान आए थे. उनको कथित हिंदुत्व के खिलाफ आवाज उठाने वाली एक्टिविस्ट माना जाता था. पुलिस ने भी अपनी जांच में यह कहा कि उनकी हत्या के पीछे यह एक अहम कारण था. उनकी हत्या करने की बात स्वीकार करने वाले परशुराम वाघमोरे ने भी स्वीकार किया है कि हिन्दुत्व के खिलाफ बोलने की वजह से उसको उनकी हत्या करने के लिए कहा गया था. ऐसी स्थिति में यातनाल के इस यह बयान से नया विवाद पैदा हो गया है.

(इनपुट-एएनआई)