बेंगलुरू. कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार के विश्वास मत खोने के बाद राज्य में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है. हालांकि अभी तक भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के फैसले की देरी के कारण राज्य इकाई के प्रमुख बीएस येदियुरप्पा इस दिशा में कदम नहीं बढ़ा पाए हैं. बुधवार को येदियुरप्पा ने कहा कि वह राज्य में वैकल्पिक सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं. विधानसभा में विश्वासमत हारने के बाद मंगलवार को कांग्रेस-जद (एस) की 14 माह पुरानी सरकार गिर गई. इसके बाद मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस्तीफा दे दिया. गौरतलब है कि विधानसभा में शक्ति परीक्षण में कुमारस्वामी को भाजपा के 105 मतों के मुकाबले 99 वोट ही मिले.

येदियुरप्पा ने यहां अपने प्रदेश मुख्यालय ‘‘केशव कृपा’’ में आरएसएस नेताओं से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं दिल्ली से निर्देशों का इंतजार कर रहा हूं. मैं किसी भी वक्त विधायक दल की बैठक बुला सकता हूं और (दावा पेश करने के लिए) राजभवन जा सकता हूं. मैं इसके लिए इंतजार कर रहा हूं.’’ उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आशीर्वाद और सहयोग से ही संभव हुआ है कि वह मुख्यमंत्री बनने के लिए तालुक से राज्य स्तर तक पहुंचे. उन्होंने कहा, ‘‘मैं अगला कदम उठाने से पहले संघ परिवार के बड़ों से आशीर्वाद लेने यहां आया हूं.’’ इस बीच येदियुरप्पा के समर्थक अपने नेता के समर्थन में इकट्ठा होने लगे हैं. बेंगलुरू में येदियुरप्पा के आवास के बाहर सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक नारा लगाते हुए बाहर जमे हैं.

सरकार बनाने के संबंध में येदियुरप्पा को मंजूरी देने के लिए बुधवार को दिल्ली में भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक होने की संभावना है. वरिष्ठ भाजपा विधायक जेसी मधुस्वामी ने कहा, ‘‘पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पर्यवेक्षक की मौजूदगी में नेता का चुनाव करने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने के वास्ते हमें निर्देश देना होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि हम राष्ट्रीय पार्टी है तो चीजें लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए, इसलिए हम उनके निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं. इसके बाद राज्यपाल से मिलने का समय मांगा जाएगा.’’