बेंगलुरू: कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राज्यपाल वजूभाई वाला ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में 76 साल के येदियुरप्पा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. कार्यक्रम में येदियुरप्पा ने अकेले ही शपथ ली है.

 

राज्य में येदियुरप्पा नीत भाजपा सरकार ऐसे समय बनी है जब तीन दिन पहले कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार गिर गई थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा विधानसभा में पेश विश्वास मत प्रस्ताव 105 के मुकाबले 99 मतों से गिर गया था. शुक्रवार की सुबह आनन-फानन में हुए घटनाक्रम में, येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात करके सरकार का दावा पेश किया और उनसे उन्हें शुक्रवार को ही पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का अनुरोध किया. इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया.

चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ
शपथ ग्रहण समारोह से पहले, येदियुरप्पा ने कहा कि वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से सलाह मशविरा करने के बाद कैबिनेट के सदस्यों पर फैसला करेंगे. येदियुरप्पा ने चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. पिछली बार वह मई 2018 विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री बने थे लेकिन वह पद पर तीन दिन ही टिक पाए.

विभागीय प्रमुख जुलाई में जारी आदेशों पर अमल नहीं करें: येदियुरप्पा
कर्नाटक के नामित मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने सभी विभागों के प्रमुखों को नयी परियोजनाओं के संबंध में एच डी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार द्वारा इस महीने जारी किये गये आदेश को अगली समीक्षा तक स्थगित रखने का निर्देश दिया है. उन्होंने उन सभी स्थानांतरणों पर रोक लगा दी है जिन्हें मंजूरी तो मिल गयी थी लेकिन क्रियान्वित नहीं किया गया था. विभिन्न विभागों के सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों को लिखे पत्र में मुख्य सचिव टी एम विजय भास्कर ने कहा कि नामित मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जुलाई, 2019 में जिन नयी परियोजनाओं को लेकर आदेश जारी किया गया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से अगली समीक्षा तक स्थगित कर दिया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि नामित मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन तबादलों प्रस्तावों को जुलाई में मंजूर किया गया लेकिन लागू नहीं किया गया, उन्हें अगले आदेशों तक रोक दिया जाए.