नई दिल्ली. कर्नाटक में पिछले एक पखवाड़े से ज्यादा समय से चल रहे राजनीतिक संकट का सोमवार को आखिरकार समापन हो गया. कर्नाटक विधानसभा में नवनियुक्त मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) के विश्वास मत के प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से पास कर दिया. भाजपा नेता येदियुरप्पा को बीते मंगलवार को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. इससे पहले एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया था. विश्वासमत प्रस्ताव पर हुई बहस में कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम सिद्दारमैया जबकि जेडीएस की तरफ से एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy) ने बहस में भाग लिया. Also Read - अहमद भाई के बाद कौन होगा कांग्रेस का अगला कोषाध्यक्ष, इन 4 नामों पर हो रही चर्चा

सोमवार को विधानसभा में विश्वासमत का प्रस्ताव पेश करते हुए सीएम येदियुरप्पा ने कर्नाटक में सूखे और किसानों की समस्या की तरफ सदन का ध्यान दिलाया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत लाकर उनकी तरक्की के लिए काम करेंगे. येदियुरप्पा ने विपक्ष से आग्रह किया कि राज्य के विकास के लिए साथ मिलकर काम करने की जरूरत है, इसलिए सदन उनकी सरकार के पक्ष में अपना समर्थन दे. विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर बहस करते हुए कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने जवाब दिया. Also Read - इंटरव्यू: चिदंबरम ने कहा- BJP देश में निरंकुशता और नियंत्रण युग वापस लाएगी, देश पीछे जाएगा

सिद्दारमैया ने विश्वास प्रस्ताव पर बहस करते हुए कहा, ‘4 दिन पहले इसी सदन में एचडी कुमारस्वामी ने अपनी सरकार के लिए विश्वास प्रस्ताव पेश किया था. मैंने उस बहस में भी भाग लिया था, लेकिन तब क्या हुआ था इसके बारे में मैं बात नहीं करना चाहता. मैं इस बहस में उन परिस्थितियों के बारे में बोल सकता था जिनमें येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है. लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा. मैं येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनने की शुभकामना देता हूं. मैं उम्मीद करता हूं कि वे राज्य के लोगों के विकास के लिए काम करेंगे.’ कर्नाटक विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर हुई बहस में जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी भाग लिया. Also Read - Roshni Land Scam Latest News: CBI ने J&K के पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता के खिलाफ केस दर्ज

कुमारस्वामी ने विश्वास प्रस्ताव पर हुई बहस के दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई. उन्होंने कहा, ‘मैंने 14 महीनों तक सरकार चलाई. इस दौरान मैंने आपके हर प्रश्न का जवाब दिया. मुझे आपके प्रश्नों का उत्तर देने में कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन मुझे अब खुद को जवाब देना है. इन 14 महीनों के दौरान मैंने और मेरी सरकार ने कैसा प्रदर्शन किया, इसके बारे में सब जानते हैं. ये सारी बातें रिकॉर्ड पर हैं. लोग जानते हैं कि मैंने क्या काम किया है.’ कुमारस्वामी ने कर्नाटक में सियासी संकट को लेकर कहा, ‘आपने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. विधायकों को बागी बनाया. पिछले एक हफ्ते में क्या-क्या हुआ, मैं ये सारी बातें देख रहा था. विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में स्पष्ट संदेश दिया है.’

सियासी संकट को लेकर भाजपा पर आरोप लगाते हुए कुमारस्वामी ने कहा, ‘मैं एक बात कहना चाहता हूं कि सत्ता स्थाई नहीं है. नरेंद्र मोदी या जेपी नड्डा भी हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे. हम आपको सत्ता से हटाने या 105 विधायकों की संख्या को 100 तक लाने का प्रयास नहीं करेंगे. आपने अभी सूखे की बात की है, आप इसको लेकर क्या करेंगे, हम ये देखना चाहेंगे. राज्य के लोगों की भलाई के लिए हम इसमें आपका सहयोग करेंगे.’