Karnataka New guideline here: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने विशेषज्ञों, वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की जिसके बाद कई दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. बैठक में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ से निपटने के लिए नए दिशानिर्देश तय किए गए हैं. बैठक के बाद कहा गया कि बच्चों को स्कूल आने की अनुमति तभी मिलेगी जब उनके माता पिता फुली वेक्सीनेटेड होंगे. इसके अलावा स्कूलों में कोई भी इवेंट नहीं होगा. बता दें कि राज्य में ‘ओमीक्रोन’ के दो मामले सामने आने के बाद यह बैठक की गई. मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने के बाद शुक्रवार दोपहर यह बैठक की गई. बैठक के बाद कहा गया कि शादी समारोह में अधिकतम 500 लोगों के शामिल होने की इजाजत दी जाएगी. इसके अलावा राज्य में अब 60 हजार से बढ़ाकर 1 लाख टेस्ट रोज होंगे. ऑक्सीजन और ICU बेड्स को फिर से एक्टिव किया जाएगा. ऑक्सीजन प्लांट्स को भी फिर से दुरुस्त किया जाएगा. दक्षिण अफ्रीका के नागरिकों की नेगेटिव रिपोर्ट की जाँच पुलिस करेगी. एयरपोर्ट पर सभी इंटरनेशनल पैसेंजर्स का RTPCR टेस्ट होगा. इसके अलावा जिनके पास डबल वैक्सीनेशन के सर्टिफिकेट नही होंगे, उन्हें सिनेमा हॉल और माल मे प्रवेश की इजाजत नही होगी.Also Read - Booster Dose: कोरोना के बूस्टर डोज को लेकर WHO की तरफ से आया यह बयान...

कर्नाटक में दो लोग ‘ओमीक्रोन’ से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से एक दक्षिण अफ्रीकी नागरिक है, जबकि दूसरा स्थानीय व्यक्ति है. स्थानीय व्यक्ति एक चिकित्सक है और उसने हाल में कोई विदेश यात्रा नहीं की थी. दोनों लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है. चिकित्सक के सम्पर्क में आए पांच लोग भी संक्रमित पाए गए हैं और उनके नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा गया है. मुख्यमंत्री की बैठक से पहले, स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के सभी विभागों के निदेशकों, डीन, विभाग प्रमुखों और चिकित्सा अधीक्षकों के साथ एक बैठक की. Also Read - कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच यहां लगाया गया Lockdown, जानें किन चीजों पर पाबंदी

कर्नाटक के विभिन्न जिलों में कोविड का प्रकोप, विशेष रूप से केरल से लौटे नसिर्ंग छात्रों के बीच देखने को मिल रहा है. यह कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का एक बड़ा कारण बन गया है. कोडागु जिले के मदिकेरी में कोडागु विद्यालय के नौ छात्रों ने कोविड-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया है. अधिकारियों ने कक्षा 6 से 10 तक के सभी छात्रों के परीक्षण करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं. शुक्रवार को चार और छात्रों के परिणाम आने की उम्मीद है. प्रकोप ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है क्योंकि यह केरल राज्य का सीमावर्ती जिला है, जहां संक्रमण दर अभी भी अधिक है. इस बीच, बेंगलुरू के पड़ोसी जिले तुमकुरु के जिला प्रशासन ने पिछले 24 घंटों में कोविड -19 के लिए सकारात्मक परीक्षण करने वाले नानजप्पा इंस्टीट्यूट ऑफ नसिर्ंग साइंसेज के 23 छात्रों के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं. Also Read - Revised Guidelines: कोरोना पर सरकार की संशोधित गाइडलाइंस- 5 साल से कम उम्र के बच्चों का मास्क लगाना जरूरी नहीं