नई दिल्‍ली: कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा ने बुधावार को आए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्‍वागत किया है, जिसमें कर्नाटक के अयोग्‍य ठहराए गए 17 विधायकों को विधानसभा का उपचुनाव लड़ने के लिए इजाजत दी गई है. सीएम येदियुरप्‍पा ने कहा, मैं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्‍वागत करता हूं, जिससे सभी 17 विधायक उप चुनाव लड़ सकते हैं. कल से हम सभी विधानसभा क्षेत्रों में जा रहे हैं. हम सभी 17 सीटें 101 फीसदी जीतने जा रहे हैं.

कर्नाटक के अयोग्‍य ठहराए गए 17 विधायकों को राहत, लड़ सकेंगे विधानसभा उप-चुनाव

येदियुरप्‍पा से जब सवाल किया गया क्‍या सभी 17 एमएलए बीजेपी ज्‍वाइन करने जा रहे हैं? तो उन्‍होंने जवाब में कहा कि शाम तक इंतजार कीजिए. मैं उनसे ( अयोग्‍य ठहराए गए विधायकों) विचार विमर्श करूंगा. मैं नेशनल लीडरशिप से भी चर्चा करूंगा. शाम में हम उचित निर्णय लेंगे.

सिद्धारमैया ने कहा-यह विधायकों के लिए एक सबक है
कर्नाटक के कांग्रेस के सीनियर नेता सिद्धारमैया ने कहा, ​​मैं पूरे फैसले का स्वागत करता हूं, यहां तक ​​कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें (17 अयोग्य विधायकों को) उपचुनाव लड़ने की अनुमति दी है. यह उन विधायकों के लिए एक सबक है, जो किसी अन्य राजनीतिक दल शामिल होना चाहते है, उन पार्टियों के द्वारा फैलाई गई सनक, फरेब या जबरदस्‍ती के चलते.

फैसले पर कर्नाटक विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ने खुशी जताई
कांग्रेस-जद(एस) के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद कर्नाटक विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने बुधवार को प्रसन्नता जाहिर की. कुमार ने कहा, ”सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्यता को बरकरार रखा, उस हद तक यह मेरे लिए राहत की बात है. (अयोग्यता की) अवधि के बारे में सुप्रीम कोर्ट मेरे रुख से सहमत नहीं था, इसलिए इस बारे में मैं फैसले को पढ़ने के बाद ही कुछ कहूंगा.” पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक और संवैधानिक नैतिकता को ध्यान में रखा था और दसवीं अनुसूची के अनुसार फैसला किया था.

इस्‍तीफा देने वाले विधायकों के लिए उपचुनाव लड़ने का रास्‍ता खुला 
बता दे शीर्ष कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष द्वारा 17 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के फैसले को आज बरकरार रखा, लेकिन साथ ही विधायकों को 5 दिसंबर को उपचुनाव लड़ने की अनुमति भी दे दी. शीर्ष अदालत के इस फैसले से अयोग्य ठहराए गए विधायकों के लिए कर्नाटक के उपचुनाव लड़ने का रास्‍ता खुल गया है

कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का एक हिस्सा हटाया
सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का वह हिस्सा हटा दिया, जिसमें कहा गया था कि ये विधायक 15वीं कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने तक अयोग्य ही रहेंगे.

तीन जजों की बेंच ने कही ये बात
जस्टिस एन. वी. रमण, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि उपचुनाव जीतने पर ये विधायक मंत्री बन सकते हैं या सार्वजनिक कार्यालय का प्रभार संभाल सकते हैं.

कोर्ट अध्यक्ष के अधिकार में हस्तक्षेप नहीं करता
सुप्रीम कोर्ट ने इन विधायकों के हाईकोर्ट में रिट दाखिल किए बिना सीधे शीर्ष अदालत का रुख करने के कदम पर नाखुशी भी जाहिर की. वहीं सुप्रीम कोर्ट कहा कि उसका फैसला मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर आधारित है और यह अध्यक्ष के विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने संबंधी अधिकार में हस्तक्षेप नहीं करता. बेंच ने इन अयोग्य घोषित विधायकों की याचिकाओं पर 25 अक्टूबर को सुनवाई पूरी की थी.