कर्नाटक के मुख्यमंत्री (Karnataka CM) बी एस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने आज सोमवार को पद से अपना इस्तीफा राज्यपाल थावरचंद गहलोत (Karnataka Governor Thawar Chand Gehlot) को सौंप दिया है. कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने सीएम बीएस येदियुरप्पा का इस्तीफा (CM BS Yediyurappa’s resignation is accepted) स्वीकार कर लिया है. उनसे अगले सीएम के शपथ लेने तक कार्यवाहक सीएम (caretaker CM) बने रहने को कहा है. येदियुरप्‍पा ने कहा, बताया कि उनका त्याग पत्र स्वीकार कर लिया गया है.Also Read - RSS प्रमुख भागवत का बयान, अल्पसंख्यकों को कोई खतरा नहीं, संगठित हिंदू से न कभी किसी को खतरा हुआ और न कभी होगा

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा जल्द ही कर्नाटक में पर्यवेक्षक भेजेगी. इस बीच, बीएस येदियुरप्पा कार्यवाहक सीएम बने रहेंगे. केंद्रीय पार्टी नेतृत्व और राज्य पार्टी नेतृत्व सीएम पद के लिए अगले चेहरे पर चर्चा करेंगे. Also Read - यूपी में ट्रैक्टर ट्रॉली से यात्रा पर रोक, राकेश टिकैत बोले- फैसला किसान विरोधी, दुर्घटना के बाद बस ट्रेन बंद क्यों नहीं करते?

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बी.एस येदियुरप्पा ने कहा, ”इस्तीफा देने के लिए किसी ने मुझ पर दबाव नहीं डाला. ये मैंने खुद फैसला लिया ताकि सरकार के 2 साल पूरे होने के बाद कोई और मुख्यमंत्री का पद संभाल सके. मैं अगले चुनाव में भाजपा को सत्ता में वापस लाने के लिए काम करूंगा.

बता दें कि इससे कुछ ही घंटों पहले बीजेपी 78 वर्षीय नेता ने कहा था कि वह मध्याह्न भोजन के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे. येदियुरप्पा ने भावुक होते हुए एवं रुंधे गले से कहा था, ”मेरी बात को अन्यथा मत लीजिएगा, आपकी अनुमति से… मैंने फैसला किया है कि मैं मध्याह्न भोजन के बाद राजभवन जाऊंगा और मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौपूंगा.” येदियुरप्‍पा ने कहा था, ”मैं दु:खी होकर नहीं, बल्कि खुशी से ऐसा कर रहा हूं.”

येदियुरप्पा ने 75 साल से अधिक आयु होने के बावजूद उन्हें दो साल मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा का धन्यवाद किया. बीजेपी में 75 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को निर्वाचित कार्यालयों से बाहर रखने का अलिखित नियम है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्रीय नेताओं की उम्मीदों के मुताबिक पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे. येदियुरप्पा ने यहां विधान सौध में अपनी सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही.

येदियुरप्पा ने भाषण के दौरान कहा कि उन्होंने दो साल कठिन परिस्थितियों में राज्य सरकार का नेतृत्व किया. उन्होंने कहा कि उन्हें शुरुआती दिनों में मंत्रिमंडल के बिना प्रशासन चलाना पड़ा और इसके बाद राज्य को विनाशकारी बाढ़ और कोरोना वायरस समेत कई समस्याएं झेलनी पड़ीं.