नई दिल्ली/बेंगलुरू. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद हर महीने राज्य का सियासी पारा बढ़ और घट रहा है. पहले तमाम तरह की हॉर्स ट्रेडिंग की खबरों के बीच कांग्रेस ने गठबंधन की सरकार बनाई, लेकिन उसके बाद से लगातार वहां राजनीतिक सरगर्मी जारी है. बीते शनिवार को सीएम एचडी कुमारस्वामी ने कैबिनेट विस्तार किया था और 8 नए मंत्री बनाए गए थे. इस दौरान दो मंत्रियों की कुर्सी भी छीन ली गई. कुर्सी छीने जाने के बाद से उन्होंने पार्टी छोड़ने की धमकी दे दी है.

कांग्रेस के रमेश जारकिहोली कुमारस्वामी सरकार में नगर प्रशासन मंत्री थे तो निर्दलीय विधायक आर शंकर वन एवं पर्यावरण मंत्री थे. लेकिन शनिवार को कैबिनेट विस्तार से पहले उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया. इसके बाद जारकिहोली ने इस्तीफा देने की धमकी दे दी. इतना ही नहीं पूर्व मंत्री रामलिंगा रेड्डी के साथ कई विधायकों ने कैबिनेट में जगह नहीं मिलने के कारण विरोध दर्ज कराया है. उनके समर्थ सोमवार को भी विरोध करते नजर आए.

कभी भी दे सकते हैं इस्तीफा
जारकिहोली ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह किसी भी समय विधानसभा से इस्तीफा दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के अंदर राज्य में बड़ा सियासी परिवर्तन हो सकता है. उन्होंने कहा कि वह अचानक ही इस्तीफे की बात नहीं कर रहे हैं. तीन महीने से वह इसपर लगातार सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की जनता के हित के लिए वह आगे भी काम करते रहेंगे.

बीजेपी ने दिया ऑफर
दूसरी तरफ प्रदेश सरकार में उठापटक की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता सदानंद गौड़ा ने कहा है कि उनकी पार्टी कांग्रेस के विद्रोहियों का स्वागत करेगी. उन्होंने कहा कि जो भी विधायक बीजेपी ज्वाइन करना चाहें उनके लिए दरवाजे पूरी तरह से खुले हैं. उन्होंने सरकार को घेरा कि जबसे दोनों पार्टियों ने मिलकर सत्ता पाई है तबसे वह पार्टी के नेताओं को ही संतुष्ट करने में लगे हैं. क्षेत्र की जनता का विकास नहीं हो पा रहा है.