मुंबई. कर्नाटक में चल रहा सियासी नाटक अजीब स्थिति में पहुंच गया है. एक तरफ कर्नाटक कांग्रेस के आला नेता अपने विधायकों को गोलबंद करने में जुटे हैं और बागियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रहे हैं. वहीं दूसरी ओर जेडीएस भी अपने विधायकों को बचाने में जुट गई है. इन सबके बीच कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने कहा है कि भाजपा उनके विधायकों को तोड़ने का प्रयास कर रही है. इधर, सोमवार की शाम कर्नाटक कांग्रेस के बागी नेता रोशन बेग ने बातों ही बातों में यह संकेत दिया कि वे भाजपा में शामिल हो सकते हैं. रोशन बेग ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस ने जो सलूक उनके साथ किया है, उससे वे काफी व्यथित हैं. कांग्रेस के 14 बागी विधायकों के मुंबई छोड़ गोवा के लिए रवाना होने की बात पर बेग ने कहा कि वे न तो मुंबई जा रहे हैं और न गोवा, लेकिन विधायकी पद से इस्तीफा दे सकते हैं. रोशन बेग ने यह भी कहा कि भाजपा उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही है.

कर्नाटक संकट: कांग्रेस के 21 मंत्रियों के बाद जेडीएस के मिन‍िस्‍टर्स ने भी द‍िए इस्‍तीफे

इधर, कर्नाटक में जद (एस)-कांग्रेस गठबंधन के 14 बागी विधायक सोमवार को मुंबई छोड़ गोवा के लिए रवाना हो गए. कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर अब सबकी निगाहें गोवा पर टिक गई हैं. सूत्रों ने कहा कांग्रेस के 10, जद (एस) के दो और दो निर्दलीय विधायक शाम के समय गोवा के लिए रवाना हो गए. उनके साथ मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष मोहित भारतीय भी हैं. सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र भाजपा के विधायक प्रसाद लाड ने कहा कि 14 विधायक उपनगरीय बांद्रा के एक आलीशान होटल से शाम पांच बजे रवाना हो गए. उनके गोवा में एक रिजॉर्ट में रुकने की संभावना है.

गौरतलब है कि 12 विधायक शनिवार शाम जबकि दो विधायक सोमवार को मुंबई पहुंचे थे. कर्नाटक की एक साल पुरानी कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार पर इन विधायकों के इस्तीफा देने के बाद संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कर्नाटक विधानसभा में एक मनोनीत विधायक समेत 225 सदस्य हैं. विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 113 है. विधायकों द्वारा इस्तीफा देने का सिलसिला शुरू होने से पहले विधानसभा में कांग्रेस के 78, जद (एस) के 37 विधायक थे. कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन 119 विधायकों के समर्थन से सरकार चला रहा है.

(इनपुट – एजेंसी)