बेंगलुरू: पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को कर्नाटक की स्थानीय अदालत ने आतंकवाद के वित्त पोषण और धन शोधन के मामले में सात साल कारावास की सजा सुनायी है. Also Read - कश्मीर में CRPF जवान को आतंकियों ने मारी गोली, शहीद होने के बाद छीने हथियार

अधिकारियों ने बताया कि अदालत ने कर्नाटक से अपनी गतिविधियां चलाने वाले बिलाल अहमद कुता उर्फ इमरान जलाल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत के न्यायाधीश शिवशंकर अमरानवर ने गुरुवार को यह सजा सुनायी. Also Read - कश्मीर: नदियों में बंकर बना रहे आतंकी, सेना से बचने को अपना रहे ऐसे-ऐसे तरीके

हालांकि यह मामला जनवरी 2007 का है जब जलाल को एके श्रृंखला की राइफल, 200 गोलियों, एक हथगोला और सेटेलाइट फोन के साथ कर्नाटक पुलिस ने बेंगलुरू बस स्टेशन से गिरफ्तार किया था. जलाल पर भारत सरकार के खिलाफ युध्द छेड़ने, हथियार और विस्फोटक रखने सहित भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाया गया था. Also Read - NIA ने 22 साल की तानिया परवीन के खिलाफ जिहादी 'भर्ती' केस में आरोप पत्र किया दायर

अधिकारियों ने बताया कि जलाल वर्ष 2001 से इन गतिविधियों में शामिल था और लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है. बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने जलाल के खिलाफ पीएमएलए कानून के तहत मामला दर्ज किया.