बेंगलुरूः कर्नाटक में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. आज सुबह राज्यपाल से मिलकर उन्होंने राज्य में सरकार बनाने की बात कही. राज्यपाल से मुलाकात के बाद येदियुरप्पा ने कहा कि वह आज शाम 6 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वैसे अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि येदियुरप्पा ने अपने स्तर पर सरकार बनाने का दावा पेश किया या फिर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से उनको हरी झंडी मिलने बाद उन्होंने ऐसा किया. दरअसल, कर्नाटक में कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन की सरकार गिरने के दो दिन बाद यानी गुरुवार शाम तक भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सरकार गठन को लेकर कोई फैसला नहीं कर पाया था. इस कारण गुरुवार को भाजपा खेमे ने केवल आंतरिक बैठकें की थी. उसने कोई कदम नहीं उठाया था.

कर्नाटक के भाजपा नेताओं के एक समूह ने राज्य में कांग्रेस-जद (एस) सरकार के गिरने के बाद विकल्प पर चर्चा के लिए गुरुवार को नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी. पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा इकाई अगली सरकार बनाने के लिए गुरुवार को ही दावा करना चाहती थी, लेकिन उसे केंद्रीय नेतृत्व से अनुमति नहीं मिली थी. जगदीश शेट्टार, अरविंद लिंबावली, मधुस्वामी, बसावराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र समेत प्रदेश भाजपा के नेताओं ने शाह से मिलकर राज्य में घटनाक्रम तथा पार्टी के सामने मौजूद विकल्पों के बारे में चर्चा की थी.

उधर, गुरुवार शाम में कर्नाटक के विधानसभाध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने कांग्रेस के दो विधायकों और एक निर्दलीय विधायक को 2023 में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने तक अयोग्य करार दे दिया. अपना फैसला सुनाते हुए अध्यक्ष ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में शेष 14 मामलों पर फैसला करेंगे. कुमार ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य करार दिए गए सदस्य ना तो चुनाव लड़ सकते हैं, ना ही सदन का कार्यकाल खत्म होने तक विधानसभा के लिए निर्वाचित हो सकते हैं. कुमार ने कहा कि वह मानते हैं कि तीनों सदस्यों ने स्वेच्छा और सही तरीके से इस्तीफा नहीं दिया और इसलिए उन्होंने उन्हें अस्वीकार कर दिया और दल-बदल कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की.

कुमार ने कहा, ‘‘उन्होंने संविधान (दलबदल विरोधी कानून) की 10 वीं अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन किया और इसलिए अयोग्य करार दिए गए.’’ राज्य में एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जद(एस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार के गिरने के दो दिन बाद स्पीकर ने इसकी घोषणा की है.