बेंगलुरु. कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली. गवर्नर वजुभाई उन्हें शपथ दिलाई. इस बीच बीजेपी महासचिव राम माधव का एक फेसबुक पोस्ट वायरल हो गया है. व्हाट्सऐप से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने 22 साल पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कर्नाटक चुनाव में हो रहे मौजूदा आरोप-प्रत्यारोप पर तंज कसा है. उन्होंने जेडी(एस) के देवगौड़ा और गुजरात के गवर्नर वजुभाई के बीच घटी इस घटना को विस्तार से बताया है. Also Read - राहुल गांधी की रक्षा मामलों में केवल ''कमीशन'' को लेकर ही रुचि, संसदीय समिति में नहीं: बीजेपी

राम माधव के पोस्ट के मुताबिक, 22 साल पहले देवगौड़ा और वजुभाई के किरदारों की स्थिति बिलकुल अलग थी. साल 1996 में देवगौड़ा देश के प्रधानमंत्री थे और वजुभाई गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष थे. उस दौरान देवगौड़ा की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति शासन लगा दिया था. उस समय गुजरात के गवर्नर कृष्णपाल सिंह थे. वह कांग्रेस के नेता रह चुके थे. देखते-देखते वहां सुरेश मेहता की बीजेपी सरकार चली गई थी. Also Read - राहुल गांधी ने PM मोदी का वीडियो शेयर कर कहा- हारवर्ड में ये तीन विफलताएं होंगी केस स्‍टडी

बहुमत साबित करने के बाद भी गई थी सरकार Also Read - Indian Railways is giving work to Migrant Workers: प्रवासी मजदूरों को इन योजनाओं के तहत Indian Railways दे रहा है काम, जानें अप्लाई करने का प्रॉसेस

राम माधव के पोस्ट के मुताबिक, सुरेश मेहता ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया था. लेकिन प्रदेश में संवैधानिक संकट बताते हुए उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया गया था. राम माधव ने कहा कि 22 साल पुरानी यह घटना अब कर्नाटक में कैसे प्रासंगिक हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि नैतिकता, संवैधानिक परंपराओं की दुहाई देने वाली कांग्रेस ने नेहरू के जमाने से अनगिनत निर्वाचित सरकारों को गिराया है.

शंकर सिंह वाघेला बीजेपी से हुए थे बाहर

बता दें कि साल 1996 में गुजरात में बीजेपी की सरकार थी. शंकर सिंह वाघेला बीजेपी के कद्दावर नेता थे, लेकिन अचानक उन्होंने पार्टी छोड़ दिया. ऐसे में सरकार पर संकट आ गया. सुरेश मेहता मुख्यमंत्री थे, लेकिन विधायकों की संख्या को लेकर संकट की स्थिति में थे. उन्हें सदन में बहुमत सिद्ध करना था, लेकिन वहां हिंसा की स्थिति बन गई. इस दौरान सुरेश मेहता ने सदन में बहुमत साबित कर दिया. लेकिन, विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को निलंबित कर दिया.