By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
- Hindi
- India Hindi
- Karnataka Election Here Politics Is A Family Business
कर्नाटक चुनावः भाजपा, कांग्रेस ही नहीं, यहां हर दल में है वंशवाद
कर्नाटक में कांग्रेस या भाजपा या जनता दल (एस) ने ही नहीं, बल्कि राज्य में ऐसे कई नेता हैं जिन्होंने राजनीति में परिवारवाद को बढ़ावा दिया है.
नई दिल्ली. कर्नाटक में होने जा रहे विधानसभा चुनाव का प्रचार जोरों पर है. कांग्रेस हो या भाजपा या फिर जनता दल (एस), सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी ओर से मतदाताओं का मूड भांपने लगी हैं. जाति और धार्मिक मठों के प्रभुत्व वाले इस राज्य में जाति समीकरण चुनाव के केंद्र में हैं, लेकिन एक और बात मार्के की यह है कि कर्नाटक में वंशवाद को हर पार्टी ने पाला-पोसा है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक कांग्रेस या भाजपा या जनता दल (एस) ने ही नहीं, बल्कि राज्य में ऐसे कई नेता हैं जिन्होंने राजनीति में परिवारवाद को बढ़ावा दिया है. बेटे-बहू, बेटी-दामाद या परिवार के अन्य रिश्तेदारों को अपनी राजनीतिक विरासत सौंपने में इस राज्य के नेता आम उत्तर भारतीय राजनीतिक दलों के नेताओं से अलग नहीं हैं. कर्नाटक में वंशवाद के बेल पर आइए डालते हैं एक नजर.
कांग्रेस

1- राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के सीएम सिद्धारमैया वरुणा सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं. कांग्रेस में आने से पहले जनता दल (एस) में रहते हुए भी वे इसी सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. इस बार उनकी पारंपरिक सीट से बेटा यतीन्द्र चुनाव मैदान में हैं.
2- राज्य के कद्दावर नेता और केंद्र में कांग्रेस की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कलबुर्गी सीट से सांसद हैं. वहीं उनके बेटे प्रियांक खड़गे चितपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और प्रदेश सरकार में काबीना मंत्री हैं.
3- प्रदेश के पूर्व सीएम दिवंगत एन.धरम सिंह के दो बेटे प्रदेश की सियासत में हैं. विजय सिंह विधान परिषद के सदस्य हैं और पिछले लोकसभा चुनाव में बीदर से चुनाव लड़ने का प्रयास कर चुके हैं. धरम सिंह के दामाद चंद्र सिंह भी बीदर दक्षिण सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि वे चुनाव हार गए थे.
4- पूर्व सीएम दिवंगत आर. गुंडू राव के बेटे दिनेश गुंडू राव प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में गांधीनगर से कांग्रेस के विधायक हैं.
5- गोकक विधानसभा सीट के विधायक रमेश जरकिहोली वर्तमान में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके भाई पूर्व कैबिनेट मंत्री सतीश जरकिहोली अभी कांग्रेस के विधायक हैं. वहीं बालाचंद्र जरकिहोली आराभवी विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं. वे भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. रमेश जरकिहोली के दो भाई भीमसी जरकिहोली और रमेश लखन जरकिहोली भी भाजपा से चुनाव लड़ चुके हैं. वहीं उनकी बहन लगुमावा कांग्रेस की नेता रहते हुए गोकक की मेयर रह चुकी हैं.
6- पूर्व मंत्री शमनूर शिवशंकरप्पा वर्तमान में दावणगिरि दक्षिण से विधायक हैं. उनका बेटा एस.एस. मल्लिकार्जुन भी दावणगिरि उत्तर से विधायक है.
7- एम. कृष्णप्पा विजयनगर विधानसभा सीट से विधायक रहते हुए कैबिनेट मंत्री हैं. उनका बेटा प्रिय कृष्णा भी गोविंदराजनगर से कांग्रेस का विधायक है.
8- एच.एस. महादेव प्रसाद प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. उनकी पत्नी कैबिनेट मंत्री मोहन कुमारी उर्फ गीता वर्तमान में गुंडलूपेट विधानसभा सीट से विधायक हैं.
इन 5 मुद्दों पर लड़ा जा रहा है विधानसभा का चुनाव
भाजपा

1- भाजपा के सीएम पद के उम्मीदवार बी.एस. येद्दीयुरप्पा कर्नाटक के सीएम रह चुके हैं. अभी शिवमोगा सीट से लोकसभा के सांसद हैं. वहीं उनके बेटे राघवेंद्र वर्तमान में शिकारीपुरा से विधायक हैं. दूसरा बेटा विजयेंद्रम इस विधानसभा चुनाव में वरुणा सीट से चुनाव लड़ना चाहता है.
2- कर्नाटक के पूर्व सीएम दिवंगत एस. बंगारप्पा अपने राजनीतिक जीवन में कांग्रेस, भाजपा, जनता दल (एस) और समाजवादी पार्टी में रहे. उनके बेटे कुमार बंगारप्पा सपा और कांग्रेस में रहते हुए विधायक और मंत्री रहे हैं. फिलहाल भाजपा में हैं. मधु बंगारप्पा वर्तमान में जनता दल (एस) के विधायक हैं. पूर्व सीएम की बेटी गीता शिवराजकुमार जनता दल (एस) के टिकट पर शिवमोगा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं.
सत्ता के लिए राहुल गांधी और अमित शाह का ‘टेंपल रन’
जनता दल (एस)

1- प्रदेश में सक्रिय तीसरी सबसे महत्वपूर्ण पार्टी जनता दल (एस) के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा वर्तमान में हासन से लोकसभा सांसद हैं. उनकी पार्टी के जरिए बेटे और बहू दोनों ने अपनी राजनीतिक विरासत बनाई है. पूर्व पीएम के बेटे एच.डी. कुमारस्वामी कर्नाटक के पूर्व सीएम रहे हैं और वर्तमान में रामनगरम सीट से विधायक हैं. वहीं कुमारस्वामी की पत्नी अनीता कुमारस्वामी भी मधुगिरि सीट से विधायक रह चुकी हैं. पूर्व पीएम के दूसरे बेटे एच.डी. रेवन्ना प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रहे हैं और वर्तमान में होलनरसीपुरा से विधायक हैं. वहीं उनकी पत्नी भवानी रेवन्ना जिला पंचायत की सदस्य हैं.
‘अगर कांग्रेस की हुई जीत तो भाजपा में आएगी विद्रोह की सुनामी’
कर्नाटक में काफी लंबी है वंशवाद की बेल
1- कर्नाटक के धाकड़ नेता रहे दिवंगत एस.आर. बोम्मई प्रदेश के सीएम रहे हैं. उनके बेटे बासवराज बोम्मई पूर्व में प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं और वर्तमान में शिगांव से भाजपा के विधायक हैं.
2- प्रदेश के पूर्व सीएम एम. वीरप्पा मोइली केंद्र में मंत्री रहे हैं और वर्तमान में चिकबल्लापुर के सांसद हैं. वहीं उनका बेटा हर्ष मोइली अपने पिता की पारंपरिक सीट कर्कला से चुनाव लड़ने का प्रयास कर चुका है.
3- दिवंगत सी. बिरे गौड़ा प्रदेश में काबीना मंत्री रहे. उनके बेटे और वर्तमान में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बिरे गौड़ा कांग्रेस के विधायक हैं. कृष्ण इससे पहले जनता दल (एस) में भी रह चुके हैं.
4- दिवंगत हिरोजी लाड जनता पार्टी से विधान परिषद सदस्य रहे. उनके बेटे अनिल एच. लाड वर्तमान में बेल्लारी सीट से कांग्रेस के विधायक हैं. वहीं हिरोजी लाड का भतीजा संतोष एस. लाड भी कैबिनेट मंत्री रहा है और वर्तमान में कालाघाटगी विधानसभा सीट से विधायक है.
5- दिवंगत जे.एच. पटेल जनता दल के नेता रहते हुए कर्नाटक के सीएम रहे. उनके भाई एस.एच. पटेल भी जनता दल (एस) में सक्रिय रहे थे. वहीं बेटा महिमा पटेल भी विधायक रह चुका है और वर्तमान में जद(यू) में है. दूसरा बेटा त्रिशूलपाणि पटेल भी जनता दल (एस) का नेता है.
एक तिहाई से ज्यादा मौजूदा विधायकों पर क्रिमिनल केस
‘विरासत’ संभालने वालों की मची है होड़
प्रदेश की राजनीति में ‘विरासत’ को संभालने वालों की संख्या घट नहीं रही है. राजनीति में आने वाले नए लोगों की यह जमात किसी एक पार्टी में नहीं, बल्कि सभी में है. प्रदेश के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी इस बार जयानगर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छुक है. राज्य के कानून मंत्री टी.बी. जयचंद्रा के बेटे संतोष जयचंद्रा भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं. कोलार के कांग्रेस सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री के.एच. मुनियप्पा की बेटी रूपा शशिधर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. इधर, जनता दल के नेता रहे एच. नागप्पा और उनकी पत्नी जनता दल (एस) की नेत्री परिमाला नागप्पा के बेटे प्रीतम नागप्पा इस बार भाजपा के टिकट पर हानूर से चुनाव लड़ रहे हैं. प्रदेश के पूर्व मंत्री दिवंगत कमरूल इस्लाम की पत्नी फातिमा इस्लाम इस विधानसभा चुनाव में गुलबर्गा उत्तर से चुनाव लड़ रही हैं. इसके अलावा दिवंगत विधायक रुद्र गौड़ा की पत्नी कीर्तन रुद्र गौड़ा बेलूर सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं.
यह भी पढ़ें – प्री पोल सर्वे के उलट, सट्टा बाजार में भाजपा को भारी बढ़त
Also Read:
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें