नई दिल्ली. कर्नाटक चुनाव अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन तो गई है, लेकिन बहुमत से दूर है. दूसरी तरफ कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन दे दिया है. ऐसे में कहा जा रहा है कि जेडीएस और कांग्रेस शाम को राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. इसी बीच गुजरात राज्यसभा चुनाव के समय कांग्रेस के संकटमोचक के तौर पर कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की भूमिका फिर से महत्वपूर्ण हो सकती है. उन्होंने बयान दिया है कि वह निर्दलीय विधायकों के साथ कुछ और विधायक कांग्रेस के साथ हैं. हमारे पास संख्या है और हम कर्नाटक में एक सेक्यूलर सरकार बनाना चाहते हैं. Also Read - अहमद पटेल कांग्रेस के एक मजबूत स्तंभ थे जो मुश्किल दौर में हमेंशा पार्टी के साथ खड़े रहे: राहुल गांधी

गुजरात में राज्‍यसभा चुनाव के दौरान 43 कांग्रेसी विधायकों को अपने यहां आश्रय देने वाले कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार ने विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन के दौरान 840 करोड़ की कुल संपत्ति की घोषणा की थी, जो कि 2013 विधानसभा चुनावों में दिए गए हलफनामे में जिक्र संपत्ति से 589 करोड़ रुपये ज्‍यादा है. इस पर काफी चर्चा हुई थी. बताया जाता है कि वह कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के करीबी हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके करीबी रिश्ते हैं. Also Read - #RIPahmedpatel: वफादार, मददगार और रणनीतिकार...ऐसे थे कांग्रेस के ‘अहमद भाई’

इस बीच कर्नाटक में विधायकों के भी इधर-उधर जाने के संकेत मिल रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस अपने विधायकों से लगातार संपर्क में हैं. इस बीच जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम ओमर अब्दुल्लाह ने भी चुटकी ली है कि मैं चाहता हूं कि बैंगलोर में कहीं मेरा भी कोई रिसोर्ट होता.

गुजरात के विधायकों को शरण दी थी
बता दें कि शिवकुमार ने ईगलटन गोल्फ रिज़ॉर्ट में गुजरात के राज्‍यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के 43 विधायकों को शरण दी थी. उनके इस कदम के बाद ही कांग्रेस नेता अहमद पटेल की जीत सुनिश्चित हो सकी थी. उस समय भाजपा गुजरात की राज्‍यसभा की सारी सीटें जीतना चाहती थी. ऐसे में कांग्रेस ने अपने विधायकों को खरीद-फरोख्‍त से बचाने के लिए कर्नाटक भेज दिया था. ऐेसे में कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार ने अपने रिर्जाट में उन्‍हें शरण दी. साथ ही कांग्रेस नेता अहमद पटेल के पक्ष में वोट करने के लिए मनाया.

आयकर अधिकारियों ने मारे थे छापे
वोक्कलिंगा समुदाय के ताकतवर नेता के रूप में माने जाने वाले डीके शिवकुमार के घर पर आयकर विभाग के करीब 120 अधिकारियों के दल ने छापेमारी भी की थी. उनके परिवार के 39 ठिकानों पर छापे मारे गए थे. आयकर विभाग गुजरात के राज्यसभा चुनावों में धन बल के कथित इस्तेमाल और बड़े पैमाने पर अवैध धन की लेनदेन के आरोपों की जांच भी कर रहा था.

2013 में थी 250 करोड़ की संपत्ति
डीके शिवकुमार कर्नाटक सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे और उनके भाई डीके सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण सीट से सांसद हैं. ईगल्टन रिजॉर्ट डीके सुरेश की संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत ही आता है. डीके शिवकुमार को कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री भी माना जा रहा था. डीके शिवकुमार ने 2013 विधानसभा चुनाव में अपनी घोषित संपत्ति 250 करोड़ रुपये बताई थी.