नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा द्वारा कर्नाटक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिये किए जाने वाले शक्ति परीक्षण के सीधे प्रसारण का आदेश दिया है. न्यायमूर्ति ए के सीकरी , न्यायमूर्ति एस ए बोबडे एवं न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा , ‘‘प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये शक्ति परीक्षण का सीधा प्रसारण सबसे बेहतर संभावित तरीका होगा.’’ Also Read - 'क्या तुम पीड़िता से शादी करोगे' टिप्पणी को ‘गलत तरीके से प्रचारित’ किया गया, हम ‘महिलाओं का बहुत सम्मान’ करते हैं: सुप्रीम कोर्ट

पीठ ने कहा कि विधानसभा के सचिव सदन की कार्यवाही को रिकॉर्ड करेंगे. इसने कहा कि कई स्थानीय चैनल प्रक्रिया की लाइव फीड उपलब्ध करायेंगे ताकि वे इसे समान रूप से प्रसारित करने की स्थिति में हों. Also Read - क्या है 50 फीसदी आरक्षण सीमा का मामला? सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा नोटिस

पीठ ने कर्नाटक के राज्यपाल की ओर से पेश हुए वकील के उस सुझाव को ‘‘उचित’’ माना जिसमें शक्ति परीक्षण के सीधे प्रसारण का सुझाव दिया गया था. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को जारी किया नोटिस, पूछा- क्या 50 फीसदी से बढ़ाई जा सकती है आरक्षण की सीमा