नई दिल्ली: विश्वास मत गंवाने के बाद कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिरने के बाद बीजेपी में जश्न में माहौल है. बेंगलुरु में जहां बीजेपी विधायक ठहराए गए थे, वहां आतिशबाजी चलाई जा रही है. यहां बीजेपी विधायकों की मीटिंग भी हुई. दूसरी मीटिंग बुधवार को बेंगलुरु स्थित पार्टी ऑफिस में होगी. वहीं, कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिरने को राहुल गांधी ने लोकतंत्र की हार बताया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि पहले दिन से ही गठबंधन की सरकार निशाने पर थी. बाहर और भीतर दोनों ओर से सरकार को ख़तरा था. आज वो जीत गए. ये लोकतंत्र, ईमानदारी और कर्नाटका के लोगों की हार है. Also Read - राहुल गांधी ने कहा- चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र कब्जा रहे हैं, '56 ईंच सीना' वाले व्यक्ति ने नाम भी नहीं लिया

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बता दें कि कर्नाटक में चल रहे सियासी संकट के बीच बहु प्रतीक्षित विश्वास मत के लिए कर्नाटक विधानसभा में वोटिंग शुरू होने के कुछ समय बाद ही सरकार गिर गई थी. कांग्रेस जेडीएस के पक्ष में 99 जबकि बीजेपी के पक्ष में 105 वोट पड़े. 6 वोट से पीछे रहने के कारण सरकार अल्पमत में आ गई. विश्वास मत हारने के बाद कुमार स्वामी इस्तीफा देने राजभवन पहुंचे. कुमारस्वामी ने राज्यपाल बाजूभाई वाला को इस्तीफा सौंपा, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. बीजेपी अब बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है.

कर्नाटक में मंगलवार की शाम जेडीएस कांग्रेस गठबंधन सरकार गिरने के बाद बीजेपी की ओर से संभावित मुख्‍यमंत्री पद के दावेदार बनकर उभरे बीजेपी के कर्नाटक प्रदेश अध्‍यक्ष बीएस येदियुरप्‍पा ने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारे पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह जी से विमर्श करूंगा, इसके बाद मैं राज्‍यपाल से मिलने जाऊंगा. वहीं, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, कांग्रेस पार्टी भारतीय जनता पार्टी के द्वारा लाई गई अनैतिक, जबरन और गलत इरादे के साथ राजनीतिक स्थिरता के खिलाफ राष्‍ट्रव्‍यापी विरोध प्रदर्शन करेगी.

कर्नाटक: कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरी, फ्लोर टेस्ट में फेल हुए कुमारस्वामी ने सौंपा इस्तीफा

बता दें कि कई विधायकों द्वारा इस्तीफा देने के बाद ही कांग्रेस-जेडीएस सरकार मुश्किल में आ गई थी. सरकार पर बहुमत साबित करने का दबाव बनाया जा रहा था. इससे पहले बहस का जवाब देते हुए कुमारस्वामी ने कहा, “मैं फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं. मैं एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री हूं. हमेशा राजनीति से दूर रहना चाहता था.” वहीं, कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने कहा था कि मैं अपना इस्तीफा जेब में रखकर विधानसभा आया हूं, इस बात की परवाह किये बिना कि आज क्या होगा. इन सब बातों के बाद फ्लोर टेस्ट की शुरुआत हो गई.

इस्तीफे से पहले 225 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के पास कुल 79 विधायक थे, जबकि उसके गठबंधन सहयोगी जद (एस) के पास 37 विधायक थे. दो निर्दलीय और एक बसपा सदस्य के साथ गठबंधन में 118 सदस्य थे, जो साधारण बहुमत के निशान से केवल पांच अधिक थे.

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