बेंगलुरु: जेडीएस सुप्रीमो एच डी देवगौड़ा ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि वह वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डी के शिवकुमार को जेडीयू-कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार में मंत्री बनाए जाने के खिलाफ हैं.इस गठबंधन सरकार की अध्यक्षता एच डी कुमारस्वामी करेंगे जो बुधवार को शपथ लेंगे. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस को तय करना है कि उनकी पार्टी से किसे उप मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी रूचि सिर्फ इस बात में है कि सरकार सुचारू रूप से काम करे. Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

खबरों को अफवाह बताया
गौड़ा ने संवाददाताओं से कहा,‘मैंने मीडिया में खबरें सुनी हैं कि मैं डी के शिवकुमार को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के खिलाफ हूं. मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि कांग्रेस से किसे मुख्यमंत्री , उप मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए और किसे कौन सा विभाग दिया जाना चाहिए. मैं इस मुद्दे पर हस्तक्षेप नहीं करूंगा. उन्होंने कहा,‘मैं चाहता हूं कि सरकार सुचारू रूप से चलती रहे. Also Read - कांग्रेस का दावा- 'स्पीक अप इंडिया' सबसे बड़ा डिजिटल आंदोलन, 57 लाख लोग LIVE आए, 10 करोड़ लोगों ने देखे VIDEO

हस्तक्षेप नहीं करूंगा
इसके अलावा मैं किसी भी चीज में हस्तक्षेप नहीं करूंगा. गौड़ा का यह स्पष्टीकरण उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि वह शिवकुमार और लिंगायत नेता एम बी पाटिल को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा‘ मेरा इससे कुछ लेना देना नहीं मेरी इसमें कुछ रूचि नहीं है. यह उन पर (कांग्रेस पर) छोड़ा गया है मैं क्यों हस्तक्षेप करूंगा. Also Read - भाजपा हिमाचल स्वास्थ्य विभाग में 'भ्रष्टाचार के पाप' से छुटकारा नहीं पा सकती : कांग्रेस

‘जेडीएस से हाथ मिलाने के लिए कड़वा घूंट पीना पड़ा’
गौरतलब है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार ने कहा था कि कर्नाटक में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के वास्ते जेडीएस से हाथ मिलाने के लिए उन्हें कड़वा घूंट पीना पड़ा. शिवकुमार ने कहा कि 1985 से ही वह गौड़ा परिवार के खिलाफ लड़ते आ रहे हैं. उन्होंने कहा,‘ मैं संसदीय चुनाव में सीनियर गौड़ा से हार गया था. उनके बेटे और बहु के खिलाफ चुनाव जीता. खूब राजनीति हुई. ढेर सारे मामलों से मैं दो चार हुआ लेकिन पार्टी और राष्ट्र के हित में हमें यहां धर्मनिरपेक्ष सरकार लाना है.

राहुल के फैसले के साथ
यह राहुल गांधी का फैसला था.उन्होंने कहा,इसलिए हमने यह रुख अपनाया और मुझे कड़वा घूंट पीना पड़ा. यह मेरा कर्तव्य था. जदएस नेता एच डी कुमारस्वामी को राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्यौता दिया है और बुधवार को वह मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. डी के शिवकुमार ने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को एकजुट रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.