नई दिल्ली. गुजरात में वल्लभ भाई पटेल की स्टेच्यू लगने के बाद पूरे देश में इसकी चर्चा है. इस बीच जहां महाराष्ट्र में शिवाजी की मूर्ति तो यूपी में राम की मूर्ति बनने के बात सामने आने लगी है. बीजेपी शासित राज्यों के बाद इस होड़ में कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक भी शामिल हो गया है. कर्नाटक सरकार ने मां कावेरी की 125 फीट ऊंची स्टेूच्यू का प्रस्ताव रखा है.

बता दें कि कर्नाटक सरकार ने इसके लिए बकायदा एक स्केच जारी किया है. इसके साथ ही एक म्यूजियम कॉम्प्लेक्स, दो सीसे का टॉवर जिसकी ऊंचाई 360 फीट होगी, जिससे केआरएस बांध, बड़ा मंच, इनडोर स्टेडियम और राज्य के सभी ऐतिहासिक धरोहरों का प्रतिरूप दिखेगा. इसके लिए राज्य सरकार ने 1200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखा है.

राज्य सरकार नहीं कर रही है खर्चा
कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, बांध के आगे ही एक नया तालाब का निर्माण किया जाएगा. इसका स्ट्रक्चर जल्द ही सामने आ जाएगा. स्टेच्यू म्यूजियम कॉम्प्लेक्स के टॉप पर और ग्लास टॉवर के बीच में स्थापित होगा. यह केएसआर बांध से लंबा होगा. उन्होंने कहा कि जमीने के अलावा राज्य सरकार इस पर किसी तरह का निवेश नहीं कर रही है. उन्होंने आगे कहा, यह एकदम से स्टेच्यू ही नहीं है. यह एक टॉवर की तरह होगा. जमीन पहले से ही सरकार के पास है और हम इसके लिए इन्वेस्टर को इनवाइट कर रहे हैं. इसमें सरकार किसी तरह का पैसा नहीं लगाने जा रही है. यह एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा.

पटेल का स्टेच्यू
बता दें कि 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का उद्घाटन किया था. दुनिया में अब दूसरे स्थान पर चीन के स्प्रिंग टेंपल में बुद्ध की मूर्ति है, जिसकी ऊंचाई 153 मीटर है. पटेल का स्टेच्यू नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

राम की मूर्ति
बता दें कि पटेल के स्टेच्यू के उद्घाटन के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि अयोध्या में भगवान राम की भव्य मूर्ति का निर्माण होगा. यह मूर्ति खुले में नहीं, बल्कि इनसाइड होगी. उन्होंने यहां तक कहा कि भगवान राम की मूर्ति को लेकर आर्किटेक्चर से बातचीत हो रही है और जल्द ही सबकुछ फाइनल हो जाएगा. उन्होंने अयोध्या में इसके लिए जगह भी देखना शुरू कर दिया है.

शिवाजी की मूर्ति
दूसरी तरफ महाराष्ट्र में भी शिवाजी की 126 मीटर ऊंची मूर्ति बनाई जा रही है. इसके साथ ही उसके साथ 84 मीटर का चौतरा होगा. वहीं, पूरे स्मारक की ऊंचाई 210 मीटर है. छत्रपति के इस स्मारक में कुल 3600 करोड़ रुपये का खर्च आने वाला है.