बेंगलुरू। कुमारस्वामी ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली. इस अवसर पर देश के कई शीर्ष नेता मौजूद थे. राज्यपाल वजुभाई वाला ने यहां स्थित विधान सौध परिसर में एक भव्य समारोह में कुमारस्वामी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. वजुभाई वाला ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और दलित नेता जी परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई. शुक्रवार को कुमारस्वामी सरकार के विश्वासमत जीतने के बाद मंत्रिपरिषद में अन्य सदस्य शामिल किए जाएंगे.

दिग्गजों का लगा जमावड़ा

पारंपरिक धोती और सफेद कमीज पहने कुमारस्वामी ने ईश्वर और कन्नड़ नाडू के लोगों के नाम पर शपथ ली. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू मौजूद थे. इसके अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, राकांपा नेता शरद पवार, समाजवादी नेता शरद यादव, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी भी कार्यक्रम में शामिल हुए.

शपथग्रहण समारोह में एकत्र इन नेताओं ने हंसते हुए एक-दूसरे का स्वागत किया, आपस में हाथ मिलाए, एक-दूसरे को गले लगाया और राज्य में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार के भविष्य पर संदेह के बीच वे इस पल के साक्षी बने. प्रदेश कांग्रेस प्रमुख एवं पार्टी के दलित चेहरे जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. कुमारस्वामी शुक्रवार को विश्वासमत हासिल करने के बाद अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार करेंगे. विधानसभा चुनाव में 78 सीट जीतने वाली कांग्रेस को 20 मंत्री पद मिलने की संभावना है, जबकि 37 विधायकों वाले जेडीएस को 12 मंत्री पद मिल सकते हैं.

राज्यपाल-कुमारस्वामी की नजरें नहीं मिलीं

विचारधारा से भिन्न, लेकिन नई दिल्ली से एनडीए सरकार को उखाड़ फेंकने के इरादे से एकजुटता व्यक्त करने वाले नेताओं का इस शपथग्रहण समारोह में जमघट लगा. कुमारस्वामी जब मंच पर आए और राज्यपाल वाला के पास वाली सीट पर बैठे तो वाला चुपचाप बैठे रहे और उन्होंने कुमारस्वामी की तरफ देखा तक नहीं. वजुभाई वाला द्वारा कुमारस्वामी को शपथ दिलाए जाने के बाद ही दोनों ने मुश्किल से एक-दूसरे से बात की और एक-दूसरे की तरफ देखकर मुस्कराए. इसके बाद उन्होंने शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया. राज्यपाल और कुमारस्वामी के बीच दिखे ठंडेपन से इतर मंच पर मौजूद शीर्ष नेताओं ने एक – दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया.

बड़ा सवाल: बेंगलुरू में दिखी विपक्षी एकता क्‍या 2019 तक पहुंच पाएगी?

मायावती और सोनिया ने एक – दूसरे का हाथ थामा और दोनों बड़ी गर्मजोशी से मिलीं. बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के पैर छुए. मुलाकातों और शुभकामनाओं के क्रम का समापन नेताओं द्वारा समूह में तस्वीर खिंचवाए जाने के साथ हुआ. इस दौरान एकजुटता में उन्होंने एक-दूसरे के हाथ थाम रखे थे. समारोह से पहले एन चंद्रबाबू नायडू और ममता बनर्जी ने संघवाद को मजबूत करने के लिए सभी क्षेत्रीय दलों से एक मंच पर आने को कहा.

नायडू और ममता का मिशन

नायडू ने कहा कि मैंने ममता जी से मुलाकात की और हम सभी यहां कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह के साक्षी बनने आए हैं. वह क्षेत्रीय पार्टी से हैं और हम बहुत खुश हैं कि वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं. यह पूछे जाने पर कि कई गैर भाजपा दलों के नेताओं का एकजुट होना क्या भाजपा और एनडीए के खिलाफ साझा मोर्चा बनाने का आगाज है, नायडू ने कहा कि हम अधिक से अधिक क्षेत्रीय दलों को बढ़ावा देना चाहते हैं. हम (क्षेत्रीय दलों को) मजबूत करना चाहते हैं. यह ममता जी और हमारी पार्टी का मिशन है और उसी तरह हम काम कर रहे हैं.

भाजपा ने मनाया काल दिवस

भाजपा ने शपथग्रहण समारोह का बहिष्कार किया और काला दिवस मनाया. इस दौरान नए गठबंधन के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन किए गए जिसे पार्टी ने अपवित्र बताया है. पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में कई विपक्षी नेताओं के जुटने को भ्रष्टाचार का जश्न बताया. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्षी दल चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सपने देखने और कर्नाटक में सरकार बनने के बाद खुश होने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन तथ्य यह है कि यह लोकप्रिय जनमत के खिलाफ है.

(भाषा इनपुट)