कुमारस्वामी का बहुमत परीक्षण आज, विधायक अब भी होटल में, शिवकुमार भी नाराज

ऐसा बताया जा रहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी के शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद के लिए उनकी अनदेखी किये जाने से खुश नहीं है.

Published date india.com Published: May 25, 2018 12:02 AM IST
email india.com By amit mandal email india.com | Edited by amit mandal email india.com
कुमारस्वामी का बहुमत परीक्षण आज, विधायक अब भी होटल में, शिवकुमार भी नाराज

बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी आज बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे और ऐसी उम्मीद है कि राज्य में दस दिनों की राजनीतिक अस्थिरता का अंत हो जाएगा. जेडीएस-कांग्रेस-बसपा गठबंधन के नेता कुमारस्वामी ने बुधवार को विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं की मौजदूगी में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इस समारोह में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित तमाम गैर भाजपा दलों के दिग्गज नेता शामिल हुए थे. कांग्रेस के 78 विधायक हैं जबकि कुमारस्वामी की जेडीएस के 36 और बसपा का एक विधायक है. गठबंधन ने केपीजेपी के एकमात्र विधायक और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन का भी दावा किया है. कुमारस्वामी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी. डिप्टी सीएम का पद कांग्रेस के जी परमेश्वर को मिला है.  भाजपा की ओर से ‘ऑपरेशन कमल’ दोहराए जाने की आशंका ने कांग्रेस-जेडीएस को बेचैन कर दिया है. विधानसभा में मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के बहुमत परीक्षण से एक दिन पहले भी कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर के विधायक होटल में ही हैं. बीते 15 मई को राज्य की जनता की ओर से विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश दिए जाने के बाद से ही दोनों पार्टियों के विधायक होटल में हैं.

कर्नाटक: ‘ऑपरेशन कमल’ से अब भी सहमे हैं कांग्रेस-जेडीएस, बहुमत परीक्षण तक होटल में ही रहेंगे विधायक

बहुमत साबित नहीं कर पाए थे येदियुरप्पा

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भाजपा के बी एस येदियुरप्पा ने 17 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन सदन में विश्वास मत हासिल करने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी थी. शपथ लेने के बाद कुमारस्वामी ने विश्वासमत हासिल करने का भरोसा जताते हुए आशंका भी जताई थीं कि उनकी सरकार को गिराने के लिए भाजपा ‘ऑपरेशन कमल’ दोहराने का प्रयास कर सकती है. इसी आशंका के चलते कांग्रेस विधायक अभी भी होटल में हैं और बहुमत साबित करने के दिन ही विधानसभा पहुंचेंगे.

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‘ऑपरेशन लोटस’ का डर

‘ऑपरेशन कमल’ या ‘ऑपरेशन लोटस’ नाम के शब्द 2008 में उस वक्त इस्तेमाल किए गए थे जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद संभाला था. पार्टी को साधारण बहुमत के लिए तीन विधायकों की दरकार थी. ‘ऑपरेशन कमल’ के तहत कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायकों को भाजपा में शामिल होने के लिए राजी किया गया था. उनसे कहा गया था कि वे विधानसभा की अपनी सदस्यता छोड़कर फिर से चुनाव लड़ें. उनके इस्तीफे की वजह से विश्वास मत के दौरान जीत के लिए जरूरी संख्या कम हो गई थी और फिर येदियुरप्पा विश्वास मत जीत गए थे.

स्पीकर पद के लिए बीजेपी मैदान में 

भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए आज अपने वरिष्ठ नेता और पांच बार के विधायक एस सुरेश कुमार को उतारा है. कांग्रेस के रमेश कुमार ने सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में इस पद के लिए अपना नामांकन भरा. भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि संख्या बल और कई अन्य कारकों के आधार पर हमारी पार्टी के नेताओं को विश्वास है कि मैं जीतूंगा. इसी विश्वास के साथ मैंने नामांकन दाखिल किया है.

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यह पूछने पर कि भाजपा के केवल 104 विधायक हैं तो ऐसे में उनके जीतने की संभावना क्या है, सुरेश कुमार ने कहा, मैंने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. कल दोपहर सवा बारह बजे चुनाव है. चुनाव के बाद आपको पता चल जाएगा. कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गठबंधन उम्मीदवार की जीत के बारे में विश्वास जताया. उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि भाजपा ने भी नामांकन दाखिल किया है. मुझे उम्मीद है वे नामांकन वापस ले लेंगे. अगर चुनाव होता है तो रमेश कुमार की जीत निश्चित है.

मंत्रिमंडल का विस्तार मुश्किल काम

हालांकि कुमारस्वामी के विश्वास मत हासिल करने की संभावना है और उनके लिए मंत्रिमंडल का विस्तार मुश्किल साबित होने वाला है. ऐसा बताया जा रहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी के शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद के लिए उनकी अनदेखी किये जाने से खुश नहीं है. पार्टी ने दलित चेहरा जी परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया है. शिवकुमार ने कहा था कि क्या यह उन लोगों के लिए एक समान है जो एक सीट जीतते हैं और या जो राज्य जीतते हैं. मैं संन्यास लेने के लिए राजनीति में नहीं आया हूं. मैं शतरंज खेलूंगा फुटबाल नहीं. वहीं, परमेश्वर ने कहा कि गठबंधन को मुख्यमंत्री के रूप में जेडीएस नेता के कार्यकाल पर अभी चर्चा करनी है. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या कुमारस्वामी पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि हमने अभी तक इन पर चर्चा नहीं की है.

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