बेंगलुरु. कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीश जयंत पटेल ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उन्होंने इसकी कोई वजह नहीं बताई है. उच्च न्यायालय के महापंजीयक कार्यालय ने पीटीआई से कहा, ‘न्यायमूर्ति जयंत पटेल ने अपना इस्तीफा मुख्य न्यायाधीश एसके मुखर्जी को भेजा जो वर्तमान पद से 9 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं.’ इसने कहा कि इस्तीफा केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद और प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को फैक्स कर दिया गया है.Also Read - डॉ. कफील खान को राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दूसरे निलंबन पर लगाई रोक, योगी सरकार ने की थी कार्रवाई

ऐसा कहा जा रहा है कि न्यायमूर्ति पटेल इस बात से नाराज थे कि उनकी वरिष्ठता के बावजूद उन्हें किसी अदालत का मुख्य न्यायाधीश नहीं बनाया गया. पटेल का तबादला इलाहाबाद उच्च न्यायालय किए जाने के कुछ दिन बाद यह इस्तीफा आया है. वह अगले साल तीन अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले थे. Also Read - UP: राष्‍ट्रपति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 2300 एडवोकेट चेम्‍बर्स, पार्किंग और यूपी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया

गुजरात उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे पटेल का तबादला फरवरी 2106 में कर्नाटक उच्च न्यायालय कर दिया गया था. वह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने गुजरात में इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था. उस समय नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे. Also Read - UP News: शायर मुनव्वर राना की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से कोर्ट का इनकार, जानें क्या है पूरा मामला...

पटेल के तबादले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाएगा वकीलों का संगठन
अहमदाबाद. ‘गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन’ ने कहा कि वह कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जयंत पटेल के तबादले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेगा. पटेल फरवरी 2016 में कर्नाटक उच्च न्यायालय भेजे जाने से पहले गुजरात उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश थे.

एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पारित कर उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम के फैसले के प्रति सख्त असम्मति जाहिर की. इसने कहा कि यहां वकील काम नहीं करेंगे. गौरतलब है कि पटेल का नाम उस वक्त चर्चा में रहा था, जब उन्होंने गुजरात में इशरत जहां की कथित फर्जी मुठभेड़ मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था. उस वक्त नरेन्द्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे.