कबड्डी में 500 रुपये की शर्त लगाने की गलती कर गए मंत्री जी, अब ऐसा फंसे बेचारे ने सोचा भी ना होगा

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर मुश्किल में फंस गए हैं, क्योंकि बेंगलुरु की एक अदालत ने उनके खिलाफ कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान कथित तौर पर 500 रुपये की शर्त लगाने के आरोप में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है.

Published date india.com Updated: April 22, 2026 10:55 AM IST
शर्त लगाने के आरोप में मामला दर्ज
शर्त लगाने के आरोप में मामला दर्ज

कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर एक विवाद में फंस गए हैं. यह मामला तुमकुरु जिले में आयोजित राज्य स्तरीय प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज कबड्डी टूर्नामेंट से जुड़ा है. टूर्नामेंट के फाइनल मैच में मंत्री ने जिला उपायुक्त शुभा कल्याण के साथ 500 रुपये की अनौपचारिक शर्त लगाई थी.

टीम की जीत की भविष्यवाणी पड़ी भारी

मंत्री ने विजयपुरा टीम की जीत की भविष्यवाणी की थी. लेकिन दक्षिण कन्नड़ टीम ने विजयपुरा को 36-26 के स्कोर से हरा दिया. पुरस्कार वितरण के दौरान मंत्री ने मीडिया के सामने इस शर्त का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने 500 रुपये हार गए.

किसी भी रूप में सट्टेबाजी अवैध

शिकायतकर्ता एचआर नागभूषण ने बेंगलुरु की अदालत में निजी शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने तर्क दिया कि सार्वजनिक जगह पर किसी भी रूप में सट्टेबाजी अवैध है. खासकर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा ऐसी हरकत को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए. बेंगलुरु के 42वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने इस शिकायत पर संज्ञान लिया. न्यायाधीश केएन शिवकुमार की अध्यक्षता वाली अदालत ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और पूरी जांच करने का आदेश दिया.

कोडिगेहल्ली थाने में मामला दर्ज

पुलिस को तुमकुरु के कोडिगेहल्ली थाने में मामला दर्ज करना है. गौरतलब है कि गृह विभाग के अधीन पुलिस बल काम करता है, इसलिए जांच में पारदर्शिता पर सवाल उठ सकते हैं.

दोस्ताना मजाक बना कानूनी रूप से गंभीर

मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने खेल आयोजन के दौरान ही सट्टेबाजी का उदाहरण पेश किया. हालांकि, उन्होंने इसे दोस्ताना मजाक बताया था, लेकिन कानूनी रूप से इसे गंभीरता से लिया गया.

NDTV की खबर के मुताबिक यह घटना अक्टूबर 2025 में हुई थी, लेकिन शिकायत हाल ही में अदालत पहुंची. कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस जांच शुरू करेगी और रिपोर्ट पेश करेगी.विपक्षी दल और सोशल मीडिया पर इस मामले की काफी चर्चा हो रही है. कई लोग इसे सत्ता पक्ष के लिए शर्मनाक बता रहे हैं.

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