नई दिल्ली: लंबे समय तक राजनीतिक प्रतिद्वंदी रहे कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सबकुछ भुलाकर एक साथ मंच साझा करने वाले हैं. 3 नवंबर को होने वाले लोकसभा और विधानसभा के उपचुनाव के लिए दोनों नेता साझा उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते दिखेंगे. 13 साल पहले कांग्रेस-जेडीएस सरकार में सिद्धारमैया डिप्टी सीएम थे, लेकिन कुमारस्वामी के सीएम बनते ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और पार्टी से भी निकाल दिया गया.

सिद्धारमैया इस समय कांग्रेस-जेडीएस कोर्डिनेशन कमेटी के हेड हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को अपनी एक दिन की कर्नाटक यात्रा के दौरान उपचुनाव और अन्य मुद्दों पर मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के साथ चर्चा की.सोमवार को मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोनों पार्टियों कांग्रेस और जेडीएस के नेता उपचुनाव में पांचों उम्मीदवारों की सफलता के लिए मिलकर काम करेंगे.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की पत्नी अनीता ने उपचुनावों के लिए सोमवार को रामनगर विधानसभा सीट और भाजपा प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी एस येदुयिरप्पा के बेटे बी वाई राघवेंद्र ने शिवमोगा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया. राज्य में तीन लोकसभा सीटों और दो विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव तीन नवंबर को होने हैं और मतगणना छह नवंबर को होगी. चुनाव अधिकारियों ने बताया कि अनीता कुमारस्वामी के खिलाफ मैदान में उतरे भाजपा के उम्मीदवार एल चंद्रशेखर ने भी अपना नामांकन दाखिल किया.

जनता दल (सेक्युलर) के एल शिवरामेगौड़ा ने मांड्या लोकसभा सीट से अपना पर्चा दाखिल किया है जिसे पुराने मैसुरु क्षेत्र में वोक्कालिगा समुदाय बहुल इलाके में पारंपरिक रूप से पार्टी का गढ़ माना जाता है. बेल्लारी लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार खड़ा करने को लेकर बनी अनिश्चतताओं पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य के वरिष्ठ नेता वी एस उगरप्पा इस सीट से उनके उम्मीदवार होंगे. एचडी कुमारस्वामी अपनी पत्नी अनीता के साथ रामनगर उपायुक्त के कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने नामांकन पर्चा भरा.

वहीं नामांकन दाखिल करने के दौरान चंद्रशेखर के साथ केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा, पूर्व उपमुख्यमंत्री आर अशोक और पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. कुमारस्वामी ने संवाददाताओं से कहा उन्हें रामनगर के मतदाताओं पर भरोसा है. उन्होंने कभी उन्हें निराश नहीं किया और हमेशा जद (एस) का साथ दिया है. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने दो सीटों- चन्नापटना एवं रामनगर सीट से जीत हासिल की थी और बाद में चन्नापटना का प्रतिनिधित्व करने के उनके फैसले के कारण रामनगर सीट रिक्त हो गई थी.

वहीं जमखंडी विधानसभा सीट विधायक सिद्धू न्यामगौड़ा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद खाली हुई थी.नामांकन दाखिल करने की कल अंतिम तिथि है. कांग्रेस और उसकी सहयोगी जद (एस) ने मिलकर ये उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है. कांग्रेस बेल्लारी और शिमोगा लोकसभा क्षेत्रों और जद(एस) मांड्या लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव लड़ेगी. विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस जामखंड और जद(एस) रमणगारा से चुनाव मैदान में उतरेगी.