वोक्कालिगा-लिंगायत से OBC तक... कर्नाटक के नए CM शिवकुमार ने कैसे साधा जातीय समीकरण, कैबिनेट लिस्ट से समझिए
DK Shivkumar Cabinet: डीके शिवकुमार की कैबिनेट में लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय से 3-3 चेहरों को शामिल किया गया है. जबकि, SC समुदाय से 3, ST से एक चेहरे को कैबिनेट में जगह मिली है.
डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 24वें CM की शपथ ली. (कांग्रेस X हैंडल)
कर्नाटक में शिव का राज शुरू हो चुका है. कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने बुधवार की शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. जी परमेश्वर को डिप्टी CM बनाया गया है. डीके शिवकुमार और जी परमेश्वर के बाद 13 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली. शिवकुमार ने अपनी कैबिनेट चुनते समय जातीय समीकरण का खासा ख्याल रखा है.
डीके शिवकुमार की कैबिनेट में लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय से 3-3 चेहरों को शामिल किया गया है. जबकि, SC समुदाय से 3, ST से एक चेहरे को कैबिनेट में जगह मिली है. एक मुस्लिम चेहरे को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. आइ जानते हैं शिवकुमार की कैबिनेट में किन्हें मिली जगह? कर्नाटक में वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय का कैसा रोल?
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कैसी है डीके शिवकुमार की कैबिनेट?
- डीके शिवकुमार (CM)- वोक्कालिगा
- जी परमेश्वर (डिप्टी CM)- SC
- केएच मुनियप्पा (मंत्री) -SC
- केजे जॉर्ज (मंत्री)-ईसाई
- एमबी पाटिल (मंत्री)- लिंगायत
- रामालिंगा रेड्डी(मंत्री)- रेड्डी (OBC)
- सतीश जारकीहोली (मंत्री)- वाल्मीकि (ST)
- कृष्णा बायरे गौड़ा (मंत्री)- वोक्कालिगा
- प्रियांक खड़गे (मंत्री)- SC
- यूटी खादर (मंत्री)-मुस्लिम
- ईश्वर खंड्रे (मंत्री)- लिंगायत
- यतींद्र सिद्धारमैया (मंत्री)- कुरुबा (OBC)
- बायराथी सुरेश (मंत्री)- वोक्कालिगा
- शरण प्रकाश पाटिल (मंत्री)-लिंगायत
वोक्कालिगा और लिंगायत सबसे प्रमुख समुदाय
कर्नाटक की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने में वोक्कालिगा और लिंगायत दो सबसे प्रभावशाली और प्रमुख समुदाय हैं. राज्य की कुल आबादी का करीब 30-35% हिस्सा इन्हीं दो समुदायों से आता है. लिंगायत समुदाय कर्नाटक का सबसे बड़ा समुदाय है. इसकी आबादी लगभग 17-22% है. जबकि, जनसंख्या और प्रभाव के नजरिए से वोक्कालिगा समुदाय दूसरा सबसे प्रभावशाली समुदाय है, जिसकी आबादी करीब 15% है.
उत्तरी कर्नाटक की प्रभावशाली जातियों में प्रभावशाली
सत्तर के दशक तक लिंगायत दूसरी खेतीहर जाति वोक्कालिगा लोगों के साथ सत्ता में बंटवारा करते रहे थे. वोक्कालिगा दक्षिणी कर्नाटक की एक प्रभावशाली जाति है. देवराज उर्स ने लिंगायत और वोक्कालिगा लोगों के राजनीतिक वर्चस्व को तोड़ दिया.
कर्नाटक में कहां-कहां है लिंगायत का प्रभाव?
कित्तूर कर्नाटक क्षेत्र लिंगायत बहुल इलाका है, यहां से 50 विधायक चुने जाते हैं. पूर्व CM बसवराज बोम्मई भी यहीं से आते हैं. इनके अलावा कई वरिष्ठ नेता भी यहां से आते हैं. यही कारण है कि प्रत्येक विधानसभा चुनावों में ये किंगमेकर की भूमिका में होती है. इस क्षेत्र में 7 जिले आते हैं, जिनमें बागलकोट, धारवाड़, विजयपुरा, बेलगावी, हावेरी, गडग और उत्तर कन्नड़ शामिल हैं.
लिंगायत समुदाय के बड़े नेता?
फिलहाल, लिंगायत समुदाय से सबसे बड़े नेता बीएस येदियुरप्पा हैं. इसके अलावा, पूर्व CM बसवराज बोम्मई भी इसी समुदाय से आते हैं. दिग्गज नेता जगदीश शेट्टर का भी लिंगायत समुदाय से नाता है. वहीं, एचडी थम्मैया और केएस किरण कुमार भी लिंगायत के बड़े नेताओं में शुमार हैं.
वोक्कालिगा समुदाय और इसके प्रमुख नेता?
वोक्कालिगा कर्नाटक का एक प्रमुख, प्रभावशाली और कृषि-प्रधान समुदाय है. यह राज्य की जनसंख्या का लगभग 11.5% हिस्सा हैं. मुख्य रूप से दक्षिणी कर्नाटक (ओल्ड मैसूर क्षेत्र) में इनका मजबूत राजनीतिक और सामाजिक दबदबा है. यह समुदाय अपनी मजबूत पारिवारिक जड़ों, सांस्कृतिक विरासत और विजयनगर काल के इतिहास के लिए जाना जाता है. पूर्व PM एच डी देवेगौड़ा, पूर्व CM एचडी कुमारस्वामी, केम्पे गौड़ा फर्स्ट, एसएम कृष्णा और डीके शिवकुमार इसी समुदाय से आते हैं.
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