बेंगलुरु: कांग्रेस ने एक दर्जन से अधिक विधायकों के इस्तीफे से संकट में फंसी कर्नाटक की 13 माह पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को बचाने की अंतिम कोशिश के तहत सोमवार को कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल करने और असंतुष्ट विधायकों को उसमें जगह देने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए उसके 21 मंत्रियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है. इसके कुछ ही देर बाद कर्नाटक मुख्‍यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है क‍ि सभी जेडीएस मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया है, जैसे 21 कांग्रेस मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था. अब जल्द ही नए मंत्रिमंडल का गठन किया जाएगा. बता देें  34 सदस्यीय मंत्रिमंडल में कांग्रेस के 22 मंत्री, जनता दल-सेकुलर (जद-एस) के 10 और कर्नाटक प्राज्ञनयावन्था जनता पार्टी (केपीजेपी) के एक और एक निर्दलीय मंत्री हैं.

वहीं, सोमवार को सरकार में मंत्री एवं निर्दलीय विधायक एच. नागेश ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया और एच डी कुमारस्वामी नीत गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ जद(एस)-कांग्रेस सरकार को एक और झटका लगा. इसके अलावा एक और मंत्री ने इस्‍तीफा देने की चेतावनी दी है. इस घटनाक्रम के बीच में कर्नाटक सीएम और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्‍वामी ने कहा, मैं वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में किसी चिंता में नहीं हूं. मैं किसी राजनीति के बारे में डिस्‍कस नहीं करना चाहता हूं. कर्नाटक मुख्‍यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, सभी जेडीएस मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है.

बेंगलुरु में उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर के निवास पर हुई कांग्रेस मंत्रियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया और कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने भी हिस्सा लिया. इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत की.

कर्नाटक के मंत्री एवं बीदर उत्तर के विधायक रहीम महमूद खान ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को अपनी समस्याओं के बारे में सूचित कर दिया है और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के निवास पर बैठक के बाद फैसले लेने की बात कही. यह कदम उन खबरों के बीच उठाया गया है, जिनके मुताबिक गठबंधन सरकार के मंत्रियों से इस्तीफा देने वाले असंतुष्ट विधायकों की खातिर अपना पद छोड़ने को कहा गया है. कांग्रेस- जेडीएस सरकार अब तक 13 विधायकों के इस्तीफे के साथ ही संकट में पड़ गई है.

बैठक के बाद वेणुगोपाल ने मीडियाकर्मियों से कहा, ” पार्टी के व्यापक हित में कल और आज हमने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा की. आज सुबह हमने मंत्रियों के साथ बैठक की. जहां तक कांग्रेस मंत्रियों की बात है तो वर्तमान स्थिति में उन्होंने स्वेच्छा से मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

वेणुगोपाल ने कहा, उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में इन मुद्दों के समाधान के लिए मंत्रिमंडल में फेरबदल पर जरूरी फैसला करने का जिम्मा कांग्रेस पार्टी पर छोड़ दिया है. मैं मंत्रियों को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं. सिद्धरमैया ने भी कहा कि सभी कांग्रेस मंत्रियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी को मंत्रिमंडल में फेरबदल करने पर पूरी आजादी दे दी है.

इस्तीफे स्वीकार होने की सूरत में सत्तारूढ़ गठबंधन अपना बहुमत खोने की कगार पर पहुंच जाएगा. नागेश के अपना समर्थन वापस ले लेने के बाद विधानसभा में अध्यक्ष के अलावा जद(एस)-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के कुल 117 सदस्य (कांग्रेस-78, जेडीएस -37, बसपा-1 और निर्दलीय- 1) हैं.