नई दिल्ली. कर्नाटक में जारी सियासी संकट थमा नहीं है. हालांकि राज्यपाल वजूभाई वाला के निर्देश के बाद शुक्रवार को दिन में डेढ़ बजे के बाद राज्य सरकार को लेकर छाए संकट के बादलों के हटने की संभावना है. गवर्नर ने सीएम एचडी कुमारस्वामी को शुक्रवार को दोपहर डेढ़ बजे विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा है. इससे पहले गुरुवार को विधानसभा में दिनभर बहस, शोर-शराबे और हंगामा होता रहा. इस कारण तय समय में नतीजा नहीं निकल पाया. इसके बाद भाजपा के विधायक सदन में ही धरना पर बैठ गए. शुक्रवार की सुबह भाजपा विधायकों को कर्नाटक विधान सौध के बाहर मॉर्निंग वॉक करते देखा गया. आपको बता दें कि 16 बागी विधायकों के इस्तीफे के कारण प्रदेश सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. Also Read - अहमद भाई के बाद कौन होगा कांग्रेस का अगला कोषाध्यक्ष, इन 4 नामों पर हो रही चर्चा

इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने एक वाक्य का प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि सदन उनके नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी सरकार में विश्वास व्यक्त करता है. सरगर्मी भरे माहौल में शुरू हुई सदन की कार्यवाही में 20 विधायक नहीं पहुंचे. इनमें 17 सत्तारूढ़ गठबंधन के हैं. बागी विधायकों में से 12 फिलहाल मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं. सदन में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कई बार सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी देखने को मिली. कांग्रेसी सदस्यों ने विपक्ष के खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी की. हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करने के पहले तीन बार कार्यवाही को थोड़ी-थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ा था. Also Read - ममता बनर्जी ने कहा- चुनाव के समय आकर हिंसा करते हैं, ऐसे बाहरी लोगों के लिए बंगाल में जगह नहीं

भारी शोर-शराबे और हंगामे की वजह से विश्वास प्रस्ताव पर आखिरकार विधानसभा में मतदान नहीं हो सका. इसके बाद भाजपा के सदस्यों ने सदन के अंदर रातभर ‘धरना’ देने का फैसला किया है. भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने घोषणा की कि उनकी पार्टी के सदस्य रातभर सदन में ही रहेंगे और विश्वास प्रस्ताव पर फैसला होने तक डटे रहेंगे. येदियुरप्पा ने कहा कि हम विश्वास मत के प्रस्ताव पर फैसला होने तक रुके रहेंगे. उन्होंने कहा कि विश्वास प्रस्ताव पर ठीक तरह से 15 मिनट भी चर्चा नहीं हुई है. भाजपा सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात कर उनके अनुरोध किया कि वो विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार से कहें कि वह शक्तिपरीक्षण की प्रक्रिया दिन के खत्म होने से पहले पूरी करें. इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि वह विश्वास प्रस्ताव की मतदान की प्रक्रिया को दिन के अंत तक पूरी करें.