बेंगलुरूः अपने विधायकों के बगावत करने की वजह से कर्नाटक की 13 माह पुरानी सरकार गिर सकती है. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी आज इस्तीफा दे सकते हैं. इससे पहले सत्ताधारी कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की ओर से बागियों को मनाने की सभी कोशिश विफल हो गई. बुधवार को कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार अपने बागी विधायकों को मनाने मुंबई पहुंचे थे लेकिन उन्हें वहां हिरासत में लेकर बेंगलुरू भेज दिया गया. बागी विधायक मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं.

इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अपने मंत्री को मुंबई में हिरासत में लिए जाने और यहां विधान सौध में भाजपा की ओर से किए गए प्रदर्शन की आलोचना की है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र तथा नागरिक आचार संहिता की सभी सीमाएं लांघ चुकी है. कुमारस्वामी ने कड़े शब्दों में यहां जारी बयान में कहा कि वह भाजपा से जानना चाहते हैं कि यह लोकतंत्र की राजनीति है या उसकी दमनकारी मानसिकता का भद्दा प्रदर्शन.

मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के चार मंत्रियों को मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में लिेए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह न सिर्फ प्रोटोकॉल का उल्लंघन है बल्कि ‘सामंती मानसिकता’ की झलक भी है. कुमारस्वामी ने कहा कि भाजपा की सत्ता की भूख के कारण कर्नाटक हंसी का पात्र बन गया है. यह लोकतंत्र की राजनीति है या दमनकारी मानसिकता का भद्दा प्रदर्शन.

दरअसल, बुधवार को कर्नाटक सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा और नसीम खान मुंबई के रेनेशॉ होटल में कांग्रेस-जद(एस) के बागी विधायकों से मिलने गए थे, लेकिन पुलिस ने होटल के बाहर ही उन्हें हिरासत में ले लिया. कुमारस्वामी ने कांग्रेस के एक और बागी विधायक के सुधाकर को इस्तीफा देने के बाद कथित रूप से हिरासत में लिये जाने को लेकर विधानसभा सौध के बाहर भाजपा के विरोध प्रदर्शन की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदर्शन ने कर्नाटक की समृद्ध राजनीतिक परंपरा को कलंकित किया है.