नई दिल्ली: कर्नाटक में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स जारी है. एक ओर जहां कांग्रेस अपने विधायकों को बीजेपी के कथित हमले से बचाने के लिए रिजॉर्ट ले जा रही है, वहीं दूसरी ओर हरियाणा के गुरुग्राम के रिजॉर्ट में सोमवार से डेरा डाले अपने विधायकों को वापस बुला लिया है. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गठबंधन सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ऐसा इसलिए कर रही है क्योंकि लोकसभा चुनावों में उसे तीन या चार सीटें ही मिलने का डर है.

सिद्धरमैया ने कहा, हमारे सभी विधायक एक साथ रहेंगे. हम वहां सूखे की स्थिति पर चर्चा करेंगे. हमारे सभी विधायक, सांसद और मंत्री एक स्थान पर रहेंगे…जब तक जरूरी होगा, हम रहेंगे. उन्होंने पत्रकारों से कहा, हम पार्टी के मुद्दों के बारे में चर्चा करेंगे…भाजपा के हमले से बचने के लिए. हम सूखा, लोकसभा चुनाव के बारे में भी चर्चा करेंगे. दूसरी ओर पिछले कुछ दिनों से रिजॉर्ट में रुके अपने विधायकों को बीजेपी के कर्नाटक अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने वापस बुलाने का एलान किया है. कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कम से कम आठ विधायकों ने पाला बदलने का वादा किया था. सूत्रों ने कहा कि इससे बचने के लिए विधायकों को शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक रिजॉर्ट ले जाया जा रहा है.

शुक्रवार को चार नाराज कांग्रेसी विधायक पार्टी विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में शामिल नहीं हुए. यह बै‍ठक भाजपा द्वारा कथित तौर पर एच डी कुमारस्वामी सरकार को हटाने के लिये की जा रही कोशिशों के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा था. आंकड़ों के लिहाज से चार विधायकों की गैरमौजूदगी से सात महीने पुरानी कांग्रेस-जद(एस) ग‍ठबंधन सरकार को तत्काल कोई खतरा नहीं है लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि अब भी असंतोष झेल रही कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है.

सीएलपी नेता सिद्धरमैया ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि कांग्रेस अनुपस्थित विधायकों रमेश जारकीहोली, बी नगेंद्र, उमेश जाधव और महेश कुमाताहल्ली को नोटिस जारी करेगी. हाल ही में कैबिनेट फेरबदल में मंत्रीपद से हटाए जाने के बाद से जारकीहोली बेहद नाखुश थे. उन्होंने कहा कि बैठक में 76 विधायक मौजूद थे. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईसीसी महासचिव के सी वेणुगोपाल और उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर के साथ ही प्रदेश कांग्रेस के दूसरे नेता भी बैठक में मौजूद थे.

सिद्धरमैया ने कहा कि जाधव ने लिख कर कहा था कि वह अस्वस्थ होने के कारण बैठक में भाग नहीं ले सकेंगे वहीं नागेंद्र ने कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल से कहा था कि अदालत में एक मामले के कारण वह बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे. उन्होंने कहा कि दो अन्य विधायकों से कोई सूचना नहीं मिली है. सिद्धरमैया ने कहा कि अनुपस्थित रहे विधायकों के जवाब मिलने के बाद इस मुद्दे पर पार्टी आलाकमान और राज्य नेताओं के साथ विचार विमर्श किया जाएगा और उसके बाद अगला कदम तय किया जाएगा. ग‍ठबंधन सरकार को मंगलवार को पहला झटका तब लगा जब दो निर्दलीय विधायकों ने उससे समर्थन ले लिया था. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को दावा किया कि वे दोनों उनकी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं जिसका संख्याबल अब 106 है.