कर्नाटक के प्रसिद्ध सिद्दागंगा मठ (Siddaganga Mutt) के महंत शिवकुमार स्वामी (Shivakumara Swami) का सोमवार को निधन हो गया. वह 111 साल के थे. माना जा रहा है कि वह सबसे उम्रदराज भारतीय भी थे. यह मठ तुमाकुरु में स्थित है. वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे और करीब दो सप्ताह से वेंटिलेटर पर थे. कुछ दिनों पहले चेन्नई में इलाज करवाने बाद उन्हें मठ में ही वेंटिलेटर पर रखा गया था. उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित तमाम गणमान्य लोगों ने शोक जताया है. प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट कर उन्हें अपना गुरु बताया है. Also Read - भाजपा विधायक ने दिए बगावत के संकेत, बोले- येदियुरप्पा लंबे समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे

फाइल फोटो.

इस बीच कर्नाटक की राज्य सरकार ने स्वामी के निधन पर तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है. रिपोर्ट के मुताबिक स्वामी ने आज 11:44 बजे अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को शाम 4:30 बजे किया जाएगा. राजकीय शोक के मद्देनजर राज्य में मंगलवार को अवकाश रहेगा. उनके भक्त उन्हें साक्षात भगवान मानते थे. उन्हें 12वीं सदी के समाज सुधारक और लिंगायत समुदाय के महंत बासवा का अवतार बताया जाता था. वह श्री सिद्दागंगा एजुकेशन सोसायटी के भी प्रमुख थे. यह सोसायटी राज्य में 125 शिक्षण संस्थान संचालित करता है. Also Read - Indian Railway: दीवाली-छठ से पहले कर्नाटक से चलाई जाएंगी 22 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानें रूट्स और टाइमिंग

इस बीच स्वामी के निधन के बाद उनके भक्तों का सैलाब उमड़ने की संभावना है. इसको देखते हुए मठ के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. बताया जा रहा है कि राज्य और आसपास के इलाकों में शिवकुमार स्वामी के लाखों भक्त हैं. वह लिंगायत-वीराशैवा समुदाय के सबसे बड़े स्वामी थे. लिंगायत-वीराशैवा, लिंगायत समुदाय का ही एक पंथ है. शिवकुमार स्वामी का पिछले माह दिसंबर में एक ऑपरेशन भी किया गया था. स्वामी के निधन के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने डिप्टी सीएम जी परमेश्वर, गृहमंत्री एमबी पाटिल और जिला प्रशासन के साथ बैठक बुलाई है.