संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत पर करणी सेना के तेवर नरम नहीं पड़े हैं लेकिन करणी सेना रिलीज से पहले इसे देखने को जरूर राजी हो गई है. करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी ने आज कहा कि वह रिलीज से पहले पद्मावत देखने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि फिल्म रिलीज हुई तो ना फिल्म देखेंगे ना ही देखने देंगे.कालवी ने कहा कि भंसाली ने हमें फिल्म देखने का न्योता दिया है जिसे हमने मान लिया है. करणी सेना ने भंसाली की चिट्ठी का जवाब देते हुए फिल्म देखने पर हामी भरी. फिल्म कौन देखेगा हम तय करेंगे. Also Read - अब कंगना के समर्थन में आया ये संगठन, कहा- जब-जब महिलाओं का अपमान हुआ, 'राजपूत' सामने आए

इसके बाद कालवी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि फिल्म देखने वाली कमेटी ने इस पर बैन लगाने को कहा था. हमारी भावनाओं का अपमान हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट को जनभावनाओं का ख्याल रखना चाहिए. प्रजातंत्र में सबसे सुप्रीम जनतंत्र है. हम जनता से अपील करते हैं कि फिल्म ना देखे. सिनेमाहॉल वाले फिल्म दिखाकर पाप का भागी न बनें. Also Read - सुशांत के पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद व्यक्ति का दावा, रिया ने अस्पताल में मांगी थी माफी, कहा- 'सॉरी बाबू'   

इससे पहले भी भंसाली अपनी फिल्म कुछ संगठनों और इतिहासकारों को दिखा चुके हैं. लेकिन बढ़ते विरोध के बाद अब करणी सेना को फिल्म दिखाई जा रही है. कालवी ने भंसाली के प्रस्ताव पर फिल्म देखना स्वीकार कर लिया है. हालांकि अभी तारीख नहीं बताई है कि वह कब फिल्म देखेंगे. फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होने जा रही है, लेकिन इस पर विरोध अब हिंसक रूप लेता जा रहा है. Also Read - ‘पद्मावत’ के बाद अब ‘पृथ्वीराज’ आई रडार पर, करणी सेना ने फिल्म के निर्माता से की ये मांग 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश बेअसर

पद्मावत पर देश भर में हंगामा मचा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इसे बीजेपी शासित चार राज्यों में रिलीज को हरी झंडी देने के बावजूद हंगामा थमा नहीं है. हालांकि, राजस्थान और एमपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दोबारा अपील दायर करते हुए मांग की है कि इस फिल्म को यहां ना दिखाए जाए. आज करणी सेना ने मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, यूपी, महाराष्ट्र में कई शहरों में जमकर उत्पात मचाया. रास्तों पर टायर जलाकर ट्रैफिक जाम किया. कल उपद्रवियों ने दिल्ली नोएडा फ्लाईवे पर जमकर तोड़फोड़ और लोगों से मारपीट की थी. इनमें से 16 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.

हर तरफ मचा हंगामा

आज विरोध जताने के लिए करणी सेना ने इंदौर में चक्काजाम किया. चश्मदीद लोगों ने बताया कि करणी सेना के करीब 50 कार्यकर्ताओं ने बायपास रोड पर टोल नाके के पास करीब एक घंटे तक रास्ता रोके रखा. इस दौरान सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
प्रदर्शनकारियों ने यातायात रोकने के लिए सड़कों पर टायर रख दिए और इनमें आग लगा दी.

फिल्म पर पाबंदी की मांग को लेकर करणी सेना के सदस्यों ने आज यहां कुछ मार्गों को जाम किया, जिन्हें बाद में पुलिस ने खुलवा दिया. उपद्रवियों ने फिल्म पद्मावत की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर उज्जैन-नागदा, उज्जैन-देवास और उज्जैन-कोटा मार्ग पर टायर जला दिए. इससे इन मार्गों पर यातायात जाम हो गया.

गुजरात में भारी हिंसा

रविवार को इसे लेकर प्रदर्शनकारियों ने गुजरात में हिंसक प्रदर्शन किया. बसों को नुकसान पहुंचाया और सड़कों को अवरुद्ध किया. गुजरात राज्य पथ परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) ने भी उत्तर गुजरात में अपनी बस सेवा रोक दी.  जीआरटीसी ने राज्य के उत्तरी हिस्सों में अपनी बस सेवाओं पर रोक लगा दी, जहां भीड़ ने पिछले दो दिनों में बसों को फूंक दिया, या उनमें तोड़फोड़ की. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अहमदाबाद-इंदौर राजामार्ग और बनासकांठा को राजस्थान से जोड़ने वाली कई सड़कों को अवरुद्ध किया.