नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को कुछ शर्तो के साथ ब्रिटेन, जर्मनी और स्पेन जाने की अनुमति दे दी है. इन शर्तो में यह भी शामिल है कि वह विदेशी बैंक में अपना कोई खाता न तो खोलेंगे और न ही बंद करेंगे. Also Read - CM अरविंद केजरीवाल ने मांगे सुझाव- क्या दिल्ली के अस्पतालों में केवल दिल्ली वालों के लिए रिजर्व हों बेड? हां, या नहीं

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वाई चन्द्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने भ्रष्टाचार के कई मामलों का सामना कर रहे कार्ति को 19 से 27 मई की अवधि में विदेश जाने की अनुमति दी है. Also Read - CBSE बोर्ड के छात्रों के लिए दिशानिर्देश जारी, नजदीकी विद्यालयों में जमा कराएं रिपोर्ट

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, ‘‘कार्ति कोई विदेशी बैंक खाता नहीं खोलेंगे और न ही कोई खाता बंद करेंगे और विदेश में किसी भी संपत्ति का सौदा नहीं करेंगे’’ पीठ ने कार्ति को एक लिखित आश्वासन देने का निर्देश दिया है कि वह उन पर लगाई गई शर्तों का पालन करेंगे और उसे अपनी उड़ानों और भारत लौटने की तारीख के विवरण से अवगत कराएंगे. Also Read - Noida: गार्मेंट कंपनी में लगी भीषण आग, एक दर्जन दमकल गाड़ियों को घंटों करनी पड़ी मशक्कत

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्ति को विदेश यात्रा की उसकी अनुमति का किसी भी अदालत में किसी भी अपराध में नियमित जमानत के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. पीठ ने कार्ति से कहा कि उसे जांच में सहयोग करना होगा और वापस आने पर अपना पासपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय को वापस लौटाना होगा.

(इनपुट: एजेंसी)