नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा 20 करोड़ रुपये निकालने की अनुमति प्रदान कर दी. अदालत ने विदेश यात्रा की अनुमति देने के एवज में उनसे ये रुपये जमा कराए थे. न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय से जमा राशि की वापसी पर कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि वह वापस आ चुके हैं. Also Read - Mafia Mukhtar Ansari को UP लाने पर जोरदार तकरार, मुकुल रोहतगी ने कहा-उसे CM ही बना दो

अदालत ने पिछले साल जनवरी और मई में चिदंबरम को अदालत की रजिस्ट्री में प्रत्येक अवसर पर 10 करोड़ रुपये जमा करने के बाद विदेश यात्रा करने की अनुमति दी थी. पीठ ने कार्ति को वह राशि वापस लेने की अनुमति दी है. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा विदेशी यात्रा के लिए कार्ति की याचिका का विरोध करने के बाद शीर्ष अदालत द्वारा धनराशि जमा करने की शर्त लगाई गई थी. ईडी ने आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल मैक्सिस पर धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामलों में कार्ति को दोषी ठहराया है. Also Read - UPSC Exam: UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को झटका, नहीं मिलेगा अतिरिक्त मौका

इससे पहले जमा राशि की वापसी की मांग करने वाली एक याचिका में कार्ति ने दावा किया कि उसने 10 करोड़ रुपये जमा करने के लिए ऋण लिया और उस पर ब्याज भी दे रहे हैं. मई में शीर्ष अदालत ने कार्ति को मई और जून 2019 में ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन की यात्रा करने की अनुमति इस शर्त पर दी थी कि वह शीर्ष अदालत के महासचिव के पास 10 करोड़ रुपये जमा करेंगे. अदालत ने कहा था कि उनके भारत लौटने पर राशि वापस दे दी जाएगी. Also Read - क्या हुआ जब कानून के छात्र ने जज को कहा 'योर ऑनर', सुप्रीम कोर्ट ने...